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‘कांग्रेस के साथ हमारे बड़े राजनीतिक मतभेद रहे’, उद्धव ठाकरे को क्यों कहना पड़ा ऐसा? जनता से भी मांगी माफी

Shiv Sena Ubt Crisis: उद्धव ठाकरे बोले- कांग्रेस ने कभी शिवसेना नहीं तोड़ी, लेकिन BJP लगातार तोड़ने की साजिश रच रही है।
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Jun 19, 2026
Uddhav Thackery Shiv Sena split
उद्धव ठाकरे। (Photo: ANI)

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से उनके कई बार बड़े राजनीतिक मतभेद रहे, लेकिन उसने कभी शिवसेना को पूरी तरह नष्ट करने की कोशिश नहीं की, जैसी कोशिश भाजपा कर रही है।

उद्धव ने अपनी पार्टी में बगावत के बीच उन मतदाताओं से माफी मांगी है जिन्होंने 2024 में उन लोकसभा सांसदों को वोट दिया था जो अब पाला बदल चुके हैं।

उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उनकी पार्टी में फूट की अफवाहें तेज हो गई हैं और कुछ सांसदों के शिंदे गुट में जाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

'कभी हमारी पार्टी को खत्म करने की साजिश नहीं रची'

उद्धव ठाकरे ने कहा- कांग्रेस के साथ हमारे रास्ते अलग रहे। मतभेद हुए, लेकिन उन्होंने कभी हमारी पार्टी को तोड़ने या खत्म करने की साजिश नहीं रची। लेकिन भाजपा ने 2022 में जो किया, वह इतिहास में दर्ज हो गया। उन्होंने हमारे अपने ही लोगों को तोड़कर सरकार गिराई और अब फिर वही खेल खेला जा रहा है।

उद्धव ने यह बात एक बैठक के बाद मीडिया से कही। उन्होंने लोकसभा सांसदों की बैठक में पार्टी की एकता बनाए रखने पर जोर दिया गया। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की।

पार्टी में मचे बवाल की वजह क्या?

पिछले कुछ दिनों से शिवसेना यूबीटी में बेचैनी बढ़ी हुई है। खबर है कि छह सांसद शिंदे गुट से संपर्क में हैं। संजय राउत ने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को 15 से 50 करोड़ रुपये तक की ऑफर दी जा रही है।

राउत ने इसे 'ऑपरेशन टाइगर' बताया और चेतावनी दी कि पार्टी भी जवाबी कार्रवाई करेगी। उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे धैर्य रखें।

उन्होंने कहा- शिवसेना बालासाहेब की विरासत है। इसे कोई तोड़ नहीं सकता। जो लोग लालच में फंस रहे हैं, उन्हें जल्द ही पछतावा होगा।

कांग्रेस का बचाव

उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ हुए गठबंधन का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि 2019 में महाविकास अघाड़ी बनाकर उन्होंने भाजपा को रोका।

उन्होंने कहा- कांग्रेस से मतभेद थे, लेकिन वे लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। भाजपा तो विपक्षी दलों को पूरी तरह मिटाने पर तुली हुई है।

क्या होगी आगे की चुनौती?

शिवसेना यूबीटी के सामने फिलहाल कई चुनौतियां हैं। पार्टी में फूट की आशंका बढ़ रही है। उद्धव ठाकरे ने अपने बेटे आदित्य ठाकरे और संजय राउत को पार्टी की कमान संभालने की जिम्मेदारी सौंपी है।

पार्टी कार्यकर्ता कह रहे हैं कि बालासाहेब की शिवसेना को बचाने के लिए अब एकजुट होना जरूरी है। उद्धव का बयान इसी दिशा में एक कोशिश माना जा रहा है।

Updated on:
19 Jun 2026 09:36 pm
Published on:
19 Jun 2026 09:36 pm
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