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UGC-NET परीक्षा से पहले 100 पन्नों की PDF लीक, राहुल गांधी बोले- मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है

राहुल गांधी ने UGC-NET परीक्षा से पहले 100 पन्नों की PDF लीक होने का दावा करते हुए केंद्र सरकार और NTA पर सवाल उठाए। उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर बेचने के आरोप लगाए।
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Jul 08, 2026
RAHUL GANDHI
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (इमेज सोर्स: ANI)

UGC NET Paper Leak: देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षा UGC-NET एक बार फिर विवादों में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से पहले 100 पन्नों की एक PDF लीक हुई थी, जिसमें मौजूद कई सवाल सोशियोलॉजी (Sociology) के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। उन्होंने दावा किया कि यह प्रश्नपत्र कई राज्यों में लाखों रुपये में बेचा जा रहा था। राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर भी सवाल उठाए हैं और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई है।

राहुल गांधी ने PDF लीक होने का लगाया आरोप

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई थी। यह PDF प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़ी सामग्री थी, जो केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पास उपलब्ध होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस PDF के करीब 90 सवाल Sociology के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।

2.25 लाख रुपये में बेचे गए पेपर- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर लिखा कि UGC-NET परीक्षा से पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित की गई थी, जिसमें शामिल करीब 90 सवाल असली सोशियोलॉजी प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यही प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि इसी नेटवर्क ने आने वाली CSIR-NET, HTET और ADA जैसी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की भी बात कही है।

मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि NEET और NET जैसी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे विवादों के बावजूद केंद्र सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। राहुल गाधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि NEET और NET में बार-बार हो रहे घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर चैन की नींद सो रही है, क्योंकि लाखों स्टूडेंट्स की सालों की मेहनत रात-दिन जागकर उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।

पूरा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद करना बेकार है। न कोई जांच होगी, न ही स्टूडेंट्स को न्याय मिलेगा।