राष्ट्रीय

US-ईरान तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, राहुल गांधी ने शामिल होने से किया इनकार, बताई वजह

US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार ने 25 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर अमेरिका-इजरायल के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाते हुए इस बैठक से किनारा कर लिया है।
2 min read
Mar 24, 2026
Rahul Gandhi skips all party meeting
All Party Meeting on Iran Crisis | Rahul Gandhi (Image: ANI)

US Iran War: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने 25 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में मौजूदा हालात और भारत पर इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।

सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक बुधवार शाम करीब 5 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर सकते हैं, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी इसमें शामिल होने की संभावना है।

राहुल गांधी ने क्यों किया इनकार?

राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वह पहले से तय कार्यक्रम के चलते केरल में रहेंगे, इसलिए सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे।

इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह पश्चिम एशिया संकट को लेकर स्वतंत्र निर्णय लेने के बजाय अमेरिका और इजरायल के प्रभाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों और युवाओं के हित में प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है।

विपक्ष ने की थी बैठक की मांग

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर विपक्षी दलों ने ही सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। कांग्रेस समेत कई दल इस मुद्दे पर सरकार से लगातार सवाल उठा रहे हैं।

पीएम मोदी ने दिया था बयान

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देते हुए कहा था कि मौजूदा संघर्ष से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहरा गया है। उन्होंने बताया कि हालात से निपटने के लिए सरकार ने सात उच्चस्तरीय समूह गठित किए हैं, जो एलपीजी, आवश्यक वस्तुओं और अन्य जरूरी सेवाओं की आपूर्ति पर नजर रख रहे हैं।

सरकार की इस बैठक को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के मद्देनजर अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस पर राजनीतिक सहमति बनती है या नहीं।