BJP Vs TMC: पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक तापमान भी लगातार बढ़ता जा रहा है। BJP और TMC के बीच जुबानी जंग अब और तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के बीच हालिया बयानबाजी ने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
अमित शाह ने एक चुनावी रैली के दौरान ममता बनर्जी को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे भारत की नागरिक हैं और उन्हें अदालत जाने का पूरा अधिकार है। शाह ने दावा किया कि सच्चाई आखिरकार अदालत में ही सामने आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने अब तक कई कानूनी मामलों का सामना किया है, जिनमें से अधिकांश में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। शाह के अनुसार, उन्होंने करीब 82 केस लड़े हैं, जो सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए और वे ज्यादातर मामलों में हार गईं। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि अब ममता बनर्जी अदालतों पर भी सवाल उठाने लगी हैं।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमित शाह ने एक रैली में कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा था कि गुंडे 29 अप्रैल को घर से बाहर न निकलें, वरना उन्हें उल्टा लटकाकर सीधा कर दिया जाएगा। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया और विपक्ष ने इसे बेहद आपत्तिजनक बताया।
हुगली में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे हिंसक और अस्वीकार्य भाषा बताया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। ममता बनर्जी ने कहा, यह कैसी भाषा है? चुनाव के बाद लोगों को उल्टा लटकाने की बात करना बिल्कुल गलत है। इस तरह की सोच के साथ बंगाल को नहीं जीता जा सकता।
वहीं दूसरी ओर अमित शाह ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे और यह टीएमसी के लिए बड़ा झटका साबित होंगे। शाह ने भाजपा के 119 सूत्रीय विकास एजेंडे का भी जिक्र किया, जिसमें कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर सख्ती जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल दिन-ब-दिन और अधिक आक्रामक होता जा रहा है। लगातार हो रही बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को बेहद गर्म कर दिया है। अब नजरें दूसरे चरण के चुनाव पर टिकी है जो कि 29 अप्रैल को होने वाले हैं। नतीजे 4 मई को आने वाले हैं।