उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री, जो चुनाव प्रचार के लिए बंगाल आए हैं, वे 4 मई को 11 बजे के बाद यहां नहीं दिखेंगे। घोष ने इसे जनता के जनादेश से जोड़ते हुए कहा कि लोग पहले ही तय कर चुके हैं कि सत्ता किसे देनी है।