
सीएम ममता बनर्जी। (Photo-IANS)
पश्चिम बंगाल की सियासत इस वक्त उबाल पर है। आज बंगाल में चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। इस बीच, बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच चुकी है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता तनमय घोष का एक बयान चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि 4 मई को सुबह 11 बजे के बाद बंगाल में कोई 'बाहरी नेता' नजर नहीं आएगा।
हुगली में मीडिया से बात करते हुए तनमय घोष ने आत्मविश्वास भरे अंदाज में दावा किया कि चुनाव नतीजों के दिन तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री, जो चुनाव प्रचार के लिए बंगाल आए हैं, वे 4 मई को 11 बजे के बाद यहां नहीं दिखेंगे। घोष ने इसे जनता के जनादेश से जोड़ते हुए कहा कि लोग पहले ही तय कर चुके हैं कि सत्ता किसे देनी है।
तनमय घोष ने सिर्फ विरोधियों पर निशाना ही नहीं साधा, बल्कि अपनी पार्टी की जीत को लेकर बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस 230 से 250 सीटें जीतकर एक बार फिर सरकार बनाएगी।
उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर जनता का भरोसा कायम है और यही भरोसा चुनावी नतीजों में दिखाई देगा।
29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कुल 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियों के बीच टकराव और भी तेज होता जा रहा है।
चुनावी गर्मी के बीच उत्तर 24 परगना जिले से हिंसा की खबरें सामने आई हैं। जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसने हालात को और बिगाड़ दिया।
यह घटना उस समय हुई जब प्रधानमंत्री की एक बड़ी रैली उसी इलाके में प्रस्तावित थी। इससे साफ है कि चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी काफी तनावपूर्ण हो चुका है।
23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य में 92।35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो बेहद उच्च मानी जा
Published on:
27 Apr 2026 08:35 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
