
Kharagpur Assembly Result: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में छिटपुट हिंसा के बीच चुनाव संपन्न हो गए है। खड़गपुर विधानसभा सीट को प्रदेश की हॉट सीट मानी जाती है। खड़गपुर, जो अपनी रेलवे वर्कशॉप और शैक्षणिक संस्थानों के लिए जाना जाता है, इस विधानसभा क्षेत्र की पहचान को और मजबूत बनाता है। माना जाता है कि खड़गपुर विधानसभा सीट पर सीधा मुकाबला नहीं होता है। यहां हमेशा रोमांचक मुकाबला देखने को मिलता है।
खड़गपुर विधानसभा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। बता दें कि 2006 में यह सीट खड़गपुर टाउन के नाम से जानी जाती थी। विधानसभा चुनाव 2006 में कांग्रेस प्रत्याशी ज्ञान सिंह सोहनपाल ने करीब 55 हजार वोट हासिल किए और जीत दर्ज की।
2011 के विधानसभा चुनाव में पूरे बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी की लहर थी, लेकिन खड़गपुर विधानसभा सीट पर एक बार फिर कांग्रेस ने जीत हासिल की। कांग्रेस प्रत्याशी ज्ञान सिंह सोहनपाल को जीत मिली।
विधानसभा चुनाव 2016 में कांग्रेस के इस किले को बीजेपी ने ढहा दिया। बीजेपी प्रत्याशी दिलीप घोष को 61446 वोट मिले और 6309 वोटों से जीत हासिल की। बता दें कि इस सीट को बंगाल में बीजेपी का राजनीतिक उभार का संकेत माना जाने लगा था।
लोकसभा चुनाव 2019 में दिलीप घोष के सांसद बन जाने के बाद यह सीट खाली हो गई। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव में टीएमसी प्रत्याशी प्रदीप सरकार ने जीत दर्ज की। इसी जीत के साथ यह भी स्पष्ट हो गया कि खड़गपुर सीट किसी एक दल के कब्जे में नहीं रही।
विधानसभा चुनाव 2021 में एक बार फिर बीजेपी ने जीत दर्ज की। बीजेपी प्रत्याशी हिरण चटर्जी ने टीएमसी प्रत्याशी प्रदीप सरकार को 3771 वोटों से मात दी। यह चुनाव बहुत करीबी हुआ था।
खड़गपुर से बीजेपी ने दिलीप घोष को टिकट दिया है। वहीं टीएमसी से प्रदीप सरकार चुनाव लड़ रहे है। इसके अलावा कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन ने डॉ. पापिया चक्रवर्ती को प्रत्याशी बनाया है।
हालांकि इस बार भी खड़गपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन के प्रत्याशी उतरने के कारण त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है।