
Delhi Dehradun Expressway Potholes: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साधा है। पार्टी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के अपने हैंडल पर दावा किया कि इस एक्सप्रेसवे पर 12,000 करोड़ रुपये लगाए गए थे और इसका उद्घाटन हुए दो महीने ही हुए हैं और सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। कांग्रेस ने मोदी सरकार यानी बीजेपी को देश और जनता के लिए घातक बताया है और पार्टी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पोस्ट में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था और दो महीने में ही यह हालत है। पार्टी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए लिखा कि इसी से पता चलता है कि इस एक्सप्रेसवे को बनाने में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है और पैसों का सही इस्तेमाल नहीं किया गया है। पार्टी के अनुसार यह कोई पहला मामला नहीं है। देश में अलग-अलग हिस्सों से पुल, सड़क, हाईवे, पानी की टंकियों, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कमियां सामने आ रही हैं। अंत में पोस्ट में लिखा गया कि कुल मिलाकर बात साफ है कि मोदी सरकार देश और जनता के लिए घातक है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे करीब 210 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर करीब ढाई घंटे में पूरा किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है। इसके बनने से तीनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई है और लोगों को पहले के मुकाबले कम समय में ट्रैवल करने की सुविधा मिली है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को चार चरणों में तैयार किया गया था। पहला चरण दिल्ली से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) तक है। दूसरा चरण ईपीई से सहारनपुर बाईपास तक जाता है। तीसरा हिस्सा सहारनपुर से गणेशपुर तक बनाया गया है। वहीं चौथा और अंतिम चरण गणेशपुर से देहरादून तक पहुंचता है। इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर बना करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि जंगली जानवरों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े। इसके अलावा दात काली मंदिर के पास सुरंग, कई एंट्री और एग्जिट प्वाइंट तथा सर्विस रोड जैसी सुविधाएं भी तैयार की गई थी।