
AC Maintenance Tips: दिल्ली और एनसीआर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच एयर कंडीशनर AC अब हर घर की जरूरत बन चुका है। लेकिन पिछले 20 दिनों में राजधानी में हुए भयानक एसी ब्लास्ट के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विवेक विहार, गोकुलपुरी और जीटीबी एंक्लेव जैसे इलाकों में एसी फटने से अब तक 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यही वजह है कि लोग सोशल मीडिया पर इन हादसों से बचने के तरीके लगातार ढूंढ रहे हैं।
दमकल विभाग के अनुसार, मई के महीने में हर दिन औसतन 125 से 150 आग लगने की कॉल्स आ रही हैं। हद तो तब हो गई जब 21 मई को सारे रिकॉर्ड टूट गए और एक ही दिन में आग की 232 कॉल्स दर्ज की गईं। दिल्ली फायर सर्विस के डिप्टी फायर चीफ ए.के. मलिक बताते हैं कि लूज कनेक्शन, घटिया क्वालिटी के तार और ओवरलोडिंग के कारण होने वाला शॉर्ट सर्किट ही आग की सबसे बड़ी वजह है, जिसमें एसी अहम भूमिका निभाता है।
02 मई 2026 गोकुलपुरी
जौहरीपुर इलाके में एक घर की दूसरी मंजिल पर एसी ब्लास्ट हुआ। आग के धुएं से दम घुटने के कारण एक 4 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसका भाई बेहोश हो गया।
03 मई 2026 विवेक विहार
यहां एक पॉश इलाके की चार मंजिला इमारत में एसी ब्लास्ट के बाद भयानक आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल के मासूम बच्चे समेत कुल 9 लोगों की जान चली गई।
20 मई 2026 जीटीबी एंक्लेव
यहां दूसरी मंजिल के फ्लैट में एसी के आउटडोर यूनिट में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिससे घर में आग लग गई। हालांकि, यहां एक दंपती और उनका बच्चा समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए।
एसी एंड रेफ्रिजरेशन एक्सपर्ट मुमताज अली और अन्य विशेषज्ञों के मुताबिक,
एसी को बिना ब्रेक दिए लगातार 15 से 24 घंटे चलाने से इसके कंप्रेशर पर भारी दबाव पड़ता है और वह गर्म होकर फट जाता है। अगर कमरे के साइज के हिसाब से सही टन का एसी नहीं लगाया गया है, तो एसी बिना ऑटो-कट हुए लगातार चलता रहता है, जिससे खतरा बढ़ता है। अगर आउटडोर यूनिट को ऐसी जगह लगाया जाए जहां हवा का वेंटिलेशन न हो या सीधे तेज धूप पड़ती हो। हर एसी कंप्रेशर की एक तय एक्सपायरी डेट होती है, उसे पार करने के बाद भी पुराना एसी चलाना खतरनाक है। कमजोर या क्षमता से कम रेटिंग वाले बिजली के तारों और लूज एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल करना।
एसी में इस्तेमाल होने वाली R-32 और R-410A गैस बेहद हाई-प्रेशर वाली होती हैं। इनके रिसाव को अनदेखा करना या बाजार में मिलने वाली नकली गैस डलवाना ब्लास्ट का कारण बनता है। कूलिंग कॉइल पर धूल-मिट्टी जमने से कंप्रेशर को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। साथ ही, किसी अनाड़ी या अनप्रोफेशनल मैकेनिक से सर्विस कराना भी भारी पड़ता है।
एसी को लगातार न चलाएं, कुछ घंटों के इस्तेमाल के बाद इसे 20 से 25 मिनट के लिए बंद कर आराम दें। रात के समय एसी में टाइमर जरूर सेट करें ताकि वह लगातार न चले। इससे बिजली भी बचेगी और मशीन सुरक्षित रहेगी। एसी को 16 डिग्री पर चलाने की जिद न करें। इसे हमेशा 24 से 26 डिग्री के बीच चलाएं ताकि कंप्रेशर समय-समय पर ऑटो-कट हो सके। एसी के लिए हमेशा बढ़िया क्वालिटी के सॉकेट और सही क्षमता की एमसीबी लगवाएं। अगर एमसीबी बार-बार ट्रिप हो रही हो, तो तुरंत एसी बंद कर मैकेनिक को दिखाएं। अगर आपके इलाके में वोल्टेज ऊपर-नीचे होता है, तो अच्छी क्वालिटी का स्टेबलाइजर जरूर लगाएं।