नई दिल्ली

ketan agarwal case lohagad fort mystery: एक किला, तीन मुलाकातें और मौत, केतन केस में लोहागढ़ बना सबसे बड़ा राज

Lohagad Fort Mystery: पुणे के केतन अग्रवाल केस में लोहागढ़ किला सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। जानिए सिया गोयल का लोहागढ़ कनेक्शन, किले का रहस्य और इतिहास।
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Jun 25, 2026
ketan agarwa case lohagad fort mystery
सिया गोयल का लोहागढ़ से क्या खास कनेक्शन है?

Ketan Agarwal Death Case: महाराष्ट्र में 18 जून को लोहागढ़ किले के पास की खाई से 26 साल के केतन अग्रवाल का शव मिला था। जब पुलिस ने इस बात की जांच की तो खुलासा हुआ कि केतन और उसकी मंगेदर सिया लोहागढ़ का किला घुमने गए थे। पुलिस ने घटना के बारे में पूछताछ की तो सिया ने बताया कि फोन से फोटो लेते समय केतन का पैर फिसल गया और वो खाई में गिर गया। इस बयान को दर्ज करने के बाद से पुलिस ने आगे की जांच की तो कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए।

जांच में पता चला कि सिया इससे पहले 14 जून को भी लोहागढ़ के किले में केतन को लेकर गई थी। उस दिन भी सिया की मनसा केतन को धक्का देकर खाई में गिरा देने की थी लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो सकी। इसके बाद सिया ने नया गेम खेलने का बहाना देकर कहा कि उसने सांप देखा था और वह केतन को बचा रही थी। अब सवाल उठता है कि सिया बार-बार केतन को लेकर लोहागढ़ ही क्यों जा रही थी और लोहागढ़ में ऐसा क्या है?

लोहागढ़ सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक है

इस सवाल का जवाब पाने के लिए एक मीडिया चैनल ने जमीनी पड़ताल की तो किले से जुड़ी कई बातें सामने आई जैसे लोहागढ़ किला राज्य की सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक है। इसकी कई भूतिया कहानियां हैं, जिसने लोहागढ़ किले के रहस्य को और भी रहस्यमयी बना दिया है। केतन मर्डर केस के बाद चर्चा में आया यह किला आसपास के एरिया से लगभग 600 फीट ऊंचा है। यहां खड़ी चट्टानें और गहरी खाइयां हैं। वहीं इस जगह के कई हिस्से सुनसान रहते हैं। वहीं ये जगह मेन टूरिस्ट पॉइंट से दूर हैं। इस किले की संरचना काफी रोमांचक है। कुछ जगहों पर भीड़भाड़ वाले रास्ते अचानक सुनसान और खतरनाक किनारों में बदल जाते हैं।

गर्मियों की वजह से कोई घूमने नहीं आता

गर्मियों और मानसून से पहले के समय में लोहागढ़ किले पर पर्यटकों की भीड़ कम हो जाती है, जिसकी वजह से कई हिस्से काफी सुनसान हो जाते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसी वजह से लोहागढ़ को जानबूझकर चुना गया था। सिया का दो बार उसी जगह जाना भी पुलिस के शक को और बढ़ा रहा है।

सिया बार-बार लेती थी लोहागढ़ का नाम

31 मई को सिया और केतन दोनों पहली बार साथ में लोहागढ़ किले घूमने गए। 5 जून को फिर से वहां जाने की बात हुई लेकिन यह योजना पूरी नहीं हो सकी। केतन के पिता के मुताबिक परिवार को यह बात जरूर अजीब लग रही थी कि दोनों बार-बार उसी किले पर जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें किसी साजिश का जरा भी अंदेशा नहीं था। पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। फिर 18 जून को उसे चट्टान से धक्का दे दिया।

लोहागढ़ किले का इतिहास

लोनावला के पास सह्याद्री पहाड़ियों में बना लोहागढ़ किला काफी पुराना है और इसका इतिहास कई सदियों पुराना है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत सातवाहन काल में हुई थी। यह किला पुणे से करीब 50 किलोमीटर दूर पश्चिमी घाट का हिस्सा है।लोहागढ़ नाम मराठी के दो शब्दों से बना है, जिसमें लोहा का मतलब लोहा और गढ़ का मतलब किला होता है, यानी इसका अर्थ है लोहे का किला। यह किला सातवाहन, चालुक्य, राष्ट्रकूट, यादव, मुगल और मराठा जैसे कई राजवंशों से जुड़ा रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने 1648 में इस किले पर कब्जा किया था, हालांकि 1665 में यह मुगलों के पास चला गया और फिर 1670 में शिवाजी महाराज ने इसे दोबारा हासिल कर लिया।

Updated on:
25 Jun 2026 11:11 am
Published on:
25 Jun 2026 11:01 am