
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करने की अपील की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री को अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में शिक्षा, बेरोजगारी और बढ़ती जीवनयापन लागत जैसे विषयों पर सरकार की योजना देश के युवाओं के सामने रखनी चाहिए। दिपके ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यदि लोग इस मांग का समर्थन करते हैं तो वे इस संबंध में शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करें। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण सामने आना चाहिए।
इससे पहले अभिजीत दिपके की अपने घर के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस हुई और उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनसे मिलने आने वाले लोगों के साथ बदसलूकी कर रहे थे। हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बाद महाराष्ट्र के संभाजी नगर लौटे दिपके ने पुलिस पर हद से ज्यादा कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिपके को यह कहते हुए सुना गया था कि पुलिस यह तय नहीं कर सकती कि मुझे किससे मिलना चाहिए। मैं तय करूंगा कि मुझे किससे मिलना है। उन्हें एक पुलिस अधिकारी से अपना घर छोड़ने के लिए कहते हुए भी देखा गया। यह घटना वालुज एमआईडीसी इलाके में दिपके के घर पर हुई, जहां पिछले कई हफ्तों से पुलिस सुरक्षा के लिए तैनात है। पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने कहा कि यह तैनाती एहतियात के तौर पर की गई, जिसका मकसद किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और घर के बाहर भीड़ को नियंत्रित करना था।
बाद में डीसीपी (अपराध) प्रशांत मोहिते, विशेष शाखा के पुलिस इंस्पेक्टर अविनाश अघाव और वालुज एमआईडीसी के पुलिस इंस्पेक्टर रामेश्वर गाडे समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली से दिपके की वापसी से पहले सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि उनके घर के बाहर समर्थकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा कारणों से दिपके के माता-पिता के भी कुछ समय के लिए घर से कहीं और चले जाने की खबर है।