Defamation Complaint: AAP नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ प्रवेश वर्मा कोर्ट पहुंचे हैं। मानहानि शिकायत पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। जानें क्या है पूरा मामला...
Pravesh Verma Defamation Case: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक बार फिर वह कानूनी विवाद में घिर गए हैं। उनके खिलाफ दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा कोर्ट पहुंच गए हैं और मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले पर राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने भी संज्ञान ले लिया है। इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई में कोर्ट ने प्रवेश को अपने पक्ष में सबूत पेश करने को बोला है और अगली सुनवाई के लिए 9 और 11 जून की तारीख दी है। यह मामला सोशल मीडिया पर किए गए कुछ आरोपों और पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कुछ पोस्ट करके एस.एस. मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट को लेकर प्रवेश वर्मा पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मंत्री होने का फायदा उठाते हुए प्रवेश वर्मा ने अपने एक करीबी व्यक्ति को ट्रस्ट में ट्रस्टी बनवाया। इसके साथ ही ट्रस्ट के पास 500 करोड़ रुपये की संपत्ति और उससे जुड़े संबंधों को लेकर भी कई आरोप लगाए गए। वहीं प्रवेश वर्मा ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद और गलत बताते हुए कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए ऐसी बातें कही जा रही हैं।
सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्कूल के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले का भी जिक्र किया था। उनका आरोप था कि प्रवेश वर्मा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इन लोगों की मदद करने की कोशिश की। बता दें कि स्कूल के कर्मचारियों पर एक छात्रा के माता-पिता की शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज है। हालांकि इन आरोपों को लेकर अभी तक अदालत की ओर से कोई फैसला नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर हुई इस बयानबाजी के बाद मामला काफी चर्चा में आ गया।
सौरभ भारद्वाज के इन आरोपों के बाद प्रवेश वर्मा ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा था। नोटिस में कहा गया था कि वे अपने सोशल मीडिया पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें। लेकिन शिकायत के मुताबिक, नोटिस मिलने के बाद भी न तो पोस्ट हटाए गए और न ही कोई माफी मांगी गई। इसके बाद प्रवेश वर्मा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मानहानि की शिकायत दर्ज कराई।
आपको बता दें कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने भी हाल ही में सौरभ भारद्वाज और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी।
इस मामले में कोर्ट द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और 4 हफ्ते का समय दिया गया है।