कैराना और नूरपुर उपचुनाव के साथ ही सभी दलों ने अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है
नोएडा। कैराना और नूरपुर उपचुनाव के साथ ही सभी दलों ने अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) फिर से अपनी जमीन तलाश कर रहा है। पिछले चुनाव में बुरी तरह पटखनी खाने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र अौर छोटे चौधरी अजित सिंह फिर से सक्रिय हो गए हैं। बताया जा रहा ळै कि कैराना उपचुनाव में उनके बेटे जयंत भाग्य आजमाएंगे। अगले चुनावों को लेकर गुरुवार को जयंत चौधरी ने वेस्ट यूपी के सभी पदाधिकारियों को दिल्ली स्थित अजित सिंह के आवास पर बुलाया है। इसमें वह अन्य दलों से गठबंधन पर विचार-विमर्श करेंगे।
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बागपत सीट छोड़ सकते हैं अजित सिंह
बताया यह भी जा रहा है कि इस बार अाम चुनाव में रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह अपनी परंपरागत बागपत सीट छोड़ सकते हैं। इसके बाद सवाल यह उठने लगे कि फिर वह किस जगह से चुनाव लड़ेंगे। माना जा रहा है कि इस बार वह मुजफ्फरनगर से मैदान में उतरेंगे। आज होने वाली बैठक में इस पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। काफी दिन से छोटे चौधरी के मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि अगर रालोद गठबंधन का हिस्सा बनता है तो उसे भाजपा को हराना आसान हो जाएगा। हालांकि, इस मामले में अजित सिंह अभी कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं। वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली इस बैठक में गठबंधन होने पर सीटों की संख्या पर भी चर्चा की जाएगी।
15 व 16 को मेरठ में रहेंगे अजित सिंह
रालोद के प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा का कहना है कि पार्टी भाजपा को उखाड़ फेंकने के मिशन पर काम रही है। उन्होंने कहा कि कैराना उपचुनाव से इसकी शुरुआत हो जाएगी। दिल्ली की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 15 और 16 अप्रैल को अजित सिंह मेरठ में रहेंगे।