2019 में होने वाले आम चुनावों से पहले पेश होने वाला यह आखिरी रेगुलर बजट होगा
नोएडा। परंपराओं को तोड़ते हुए इस वर्ष एक फरवरी को ही आम बजट पेश किया जा रहा है। यह 2019 में होने वाले आम चुनावों से पहले पेश होने वाला आखिरी रेगुलर बजट होगा। इस वजह से इस बार का बजट बेहद महत्वपूर्ण है। स्वाभाविक है कि हर व्यक्ति कुछ न कुछ लाभ की उम्मीद कर रहा होगा, जो उनकी जिंदगी को ज्यादा आसान बना दे। हम में से ज्यादातर लोग इस इंतजार में रहते हैं कि वित्त मंत्री इस बार बजट में टैक्स से जुड़ी कौन-कौन सी घोषणाएं करेंगे। आइए जानते हैं कि आम बजट से लोगों की क्या अपेक्षाएं हैं।
अब तक कुछ खास नहीं मिला
इनकम टैक्स से जुड़े लोग इस बजट को बेहद अहम मान रहे हैं। उनका कहना है कि बीते काफी वर्षों से आम लोगों को निराशा ही मिली है। यह चुनाव से पहले वाला बजट है, इसलिए राहत की उम्मीद है। नौकरीपेशा लोगों के लिए अब तक कुछ खास नहीं मिला है। अभी सिर्फ 2.5 लाख ही नॉन टैक्सेबल इनकम है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर पांच लाख करने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने टैक्स स्लैब 20 और 30 फीसदी में भी सुधार की उम्मीद जताई है।
व्यापारियों को राहत की अपेक्षा
चार्टर्ड अकाउंटेंट एंड इनकम टैक्स एडवोकेट राजीव शर्मा का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों पर लोड बेहद अधिक है। उन्हें भी राहत की अपेक्षा है। वह कहते हैं कि एक व्यापारी जीएसटी के तहत 18 या 28 फीसदी टैक्स देता है। इसके अलावा 30 फीसदी इनकम टैक्स देता है। इस हिसाब से वह अपनी कमाई का 50 फीसदी से अधिक टैक्स दे देता है। यह वास्तव में बहुत अधिक है।
आम बजट 2018: जूता उद्यमियों को अरुण जेटली से हैं ये 10 बड़ी उम्मीदें
टैक्स में कटौती की उम्मीद
उद्यमियों की बाबत राजीव शर्मा कहते हैं कि अभी कंपनियों के 50 लाख रुपये के टर्नओवर पर 30 प्रतिशत टैक्स है। इसमें भी टैक्स कटौती की अपेक्षा की जा रही है। वह कहते हैं कि शेयर मार्केट में हर दिन तेजी देखी जा रही है। वहां भी शार्ट टर्म निवेश पर 15 फीसदी टैक्स है। इसमें भी और कटौती की अपेक्षा की जा रही है।