शाहबेरी में दो इमारतें गिरने के मामले में गेटर नोएडा प्राधिकरण के दो अधिकारी निलंबित
नोएडा। जैसा अक्सर होता है, वैसा ही इस बार भी हो रहा है। एक बड़ा हादसा होने के बाद महज कुछ लोगों पर गाज गिरती है और मदद बांटकर जांच बैठा दी जाती है। ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में इमारतें गिरने के बाद भी कुछ ऐसा ही होता दिख रहा है। 36 घंटे बाद भी बचाव अभियान जारी है। गुरुवार सुबह तक मलबे से नौ शव निकाले जा चुके हैं जबकि दो दर्जन से अधिक मलबे में दबे हुए हैं।
मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख आर्थिक मदद
वहीं, इस मामले में योगी सरकार ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। अगर मृतकों में कोई मजदूर है तो उसे मंजूर धनराशि के अलावा यह मदद भी मिलेगी।
दो अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद मामले में ग्रेटर नोएडा परियोजना प्रबंधक वीपी सिंह और सहायक परियोजना प्रबंधक अख्तर अब्बास जैदी को सस्पेंड कर दिया गया है। इनके अलावा इसकी आंच आईएएस विभा चहल तक भी पहुंची है। डॉ. विभा चहल को ग्रेटर नोएडा के विशेष कार्याधिकारी अधिकारी (ओएसडी) के पद से हटाकर विशेष सचिव कृषि उत्पादन शाखा बना दिया गया है।
आईएएस पर भी गिरी गाज
उधर, निलंबित किए गए ग्रेटर नोएडा परियोजना प्रबंधक वीपी सिंह और सहायक परियोजना प्रबंधक अख्तर अब्बास जैदी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच मेरठ मंडल की कमिश्नर अनीता मेश्राम को सौंपी गई है। साथ ही अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को भी कहा गया है। वहीं, डीएम ने एडीएम प्रशासन कुमार विनीत काे मजिस्ट्रेटी जांच कर रिपोर्ट 15 दिन में देने काे कहा है।