
LIVE UPDATE ग्रेटर नोएडा: शाहबेरी हादसे के बाद प्रॉपर्टी के कारोबारी हुए फरार, दुकानों पर लगे ताले
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी गांव में बड़ी तादाद में अवैध इमारतों का काला कारोबार चल रहा है। अधिग्रहण रद्द होने के बाद ये जमीन किसानों और बिल्डिंग माफियाओं के लिए सोना उगलने लगी है। किसानों ने इस जमीन को ऊंचे दामों में बेचा तो बिल्डर ने भी जमीन को इंच-इंच के हिसाब से बेचकर लोगों से मोटी रकम वसूल ली। फिलहाल शाहबेरी इलाके के ये हालत हैं कि गलियों में कर्फ्यू सा लग गया है। बिल्डिंग माफियाओं ने अपने दफ्तरों के बोर्ड हटा दिए हैं और उनमें ताले लगाकर फरार हो गए हैं।
दरअसल ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव की करीब 158 हेक्टेयर जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण को प्रशासन ने अधिग्रहण करने के लिए धारा-7 की कार्रवाई प्रकाशित कर अवैध घोषित किया हुआ है। साथ ही लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे इस गांव की जमीन न खरीदें। इस जमीन पर किया गया निर्माण अवैध माना जाएगा और प्रशासन उस पर कार्रवाई करेगा।
इस गांव की जमीन का अधिग्रहण सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2011 में रद्द कर दिया था। इसके बाद गांव में बड़ी संख्या में कालोनाइजर सक्रिय हो गए। उन्होंने किसानों से सस्ती दर से जमीन खरीदकर ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी कर दीं। इन भवनों का न तो कहीं से नक्शा पास कराया गया और न ही किसी आर्किटेक्ट से सत्यापित कराया गया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता एकदम घटिया है। कालोनाइजर सस्ती कीमत पर फ्लैट बनाकर ऊंची दरों में बेचकर गायब हो गए हैं। उनको अब प्रशासन की कार्रवाई का डर सता रहा है।
Published on:
18 Jul 2018 09:06 pm
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