नोएडा

Holi 2018: घर पर ही इस तरह करें मिलावटी मावे और नकली दूध की पहचान

होली पर सबसे ज्यादा मिलावट खोये और दूध में होती है

2 min read
Feb 23, 2018
mawa

नोएडा। त्‍यौहार नजदीक आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में आपको भी इनसे बचने की जरूरत है। वैसे तो खाद्य विभाग के अधिकारी हमेशा पर्व से पहले एक्टिव हो जाते हैं लेकिन तब तक अक्‍सर देर हो जाती है क्‍योंकि मिलावटी खोया बाजार में आ चुका होता है। अब होली हो और गुझिया न बने, ऐसा तो ही नहीं सकता है। इसके लिए खोये की जरूरत होगी और आप मार्केट से लाए खोये की पहचान कैसे करेंगे। हम आपको बताते हैं कि आप किस तरह मिलावटी खोये और दूध की पहचान कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें

Holi 2018 : दिनभर रहेगी भद्रा की स्थिति, जानिए होलिक दहन का शुभ समय

सबसे ज्यादा मिलावट खोये और दूध में

गाजियाबाद के फूड ऑफिसर मनोज कुमार तोमर का कहना है कि होली पर सबसे ज्यादा मिलावट खोये और दूध में होती है। ऐसे में मिलावटखोर इन्हीं में गड़बड़ी करते हैं। उनके अनुसार, खोये में अक्सर शकरकंद और सिंघाड़े का आटा, आलू व मैदा की मिलावट की जाती है। स्टार्च, आयोडीन और आलू मिलाने से इसका वजन बढ़ जाता। मिलावटी मावा असली की तरह दिखे, इसके लिए कुछ केमिकल भी मिलाया जाता है। कुछ दुकानदार मिल्क पाउडर में वनस्पति घी मिलाकर खोया तैयार करते हैं। इसी तरह मिलावटखोर यूरिया, डिटर्जेंट पाउडर, सोडा, स्टार्च, फॉर्मेलिन से सिंथेटिक दूध बनाते हैं। इसे खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तक हो सकती है।

ऐसे करें पहचान

- यदि मावा सामान्य से अधिक चमक रहा है या चिकना है तो मिलावटी हो सकता है।

- कई बार मिलावटी मावे से दुर्गंध आने लगती है।

- सिंथेटिक दूध से साबुन जैसी स्‍मेल आती है।

- नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा होता है।

- असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, जबकि नकली दूध कुछ वक्त के बाद पीला पड़ने लगता है।

- अगर असली दूध में यूरिया भी हो तो यह हल्के पीले रंग का ही होता है।

- अगर सिंथेटिक दूध में यूरिया मिलाया जाए तो यह गाढ़े पीले रंग का दिखने लगता है।

- नकली दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है।

- असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर चिकनाहट महसूस नहीं होती वहीं अगर आप नकली दूध को अपने हाथों के बीच रगड़ेंगे तो डिटर्जेंट पाउडर जैसी चिकनाहट महसूस होगी।

सब्जियां भी मिलीं असुरक्षित

खाद्य एवं सुरक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल के दौरान पनीर , घी, रिफाइंड ऑयल, दूध से बनी मिठाइयां और यहां तक कि सब्जियां भी असुरक्षित पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट में एक दर्जन मिल्क प्रॉडक्ट ऐसे मिले, जिन्हें खाना जानलेवा हो सकता था।

ये भी पढ़ें

Holi 2018 : बरसाने में लड्डूमार होली, जानिए क्या है इस होली का महत्व
Published on:
23 Feb 2018 12:55 pm
Also Read
View All