गांव के बुजुर्गों के अनुसार, गांव में होली की चौपाई निकालने की परंपरा आज भी जिंदा है। वह कहते हैं रंग व गुलाल का चलन कुछ कम हुआ है लेकिन चौपाई निकालने की परंपरा जारी है। यह देखने के लिए आसपास के जिलों बरेली व रामपुर से लोग भी यहां आते हैं। यहां के मुसलमान लजीज पकवानों से उनका स्वागत करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आने वाले मेहमानों की खातिरदारी गुझिया व अन्य पकवानों खोया व दूध, व घी परोस कर की जाती है। सभी घरों में इस तरह का पकवान होता है।