विधायक लोकेंद्र चौहान के पिता महेश सिंह के साथ बंद कमरे में वार्ता की
नोएडा। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को विधायक लोकेंद्र चौहान के पैतृक आवास बिजनौर के आलमपुरी पहुंचे थे। यहां केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विधायक लोकेंद्र चौहान का निधन पार्टी व इलाके की जनता के लिए बड़ी क्षति है। भरी हुई आंखों से उन्होंने विधायक के साथ अपने दिली रिश्तों को जाहिर करते हुए कहा कि उसमें उन्हें उनके पुत्र पंकज सिंह का अक्स नजर आता था।
बच्चों और पत्नी से पूछा हालचाल
आपको बता दें कि भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की आठ दिन पहले सीतापुर में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह विधायक के पैतृक आवास बिजनौर के आलमपुरी हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे। वह सुबह दिल्ली सफदरगंज एयरपोर्ट से 11.35 बजे विधायक के पैतृक आवास के लिए रवाना हुए। वहां पर सबसे पहले उन्होंने विधायक को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। बाद में उन्होंने विधायक के बच्चों और पत्नी से मिलकर उनका हालचाल पूछा और केंद्र सरकार की तरफ से परिवार को समय-समय पर हरसंभव मदद देने की बात कही। तकरीबन 25 मिनट तक विधायक के आवास में रहने के बाद गृहमंत्री कार से आलमपुरी हेलीपैड की तरफ रवाना हो गए और वहां से दिल्ली चले गए।
परिवार के ही सदस्य को राजनीतिक विरासत सौंपने की मांग
इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार के साथ हर वक्त खड़ा रहने का भरोसा दिलाया। करीब आधा घंटा तक घर के भीतर परिवार के सदस्यों से बातकर उनका गम साझा किया। विधायक लोकेंद्र चौहान के पिता महेश सिंह के साथ बंद कमरे में वार्ता भी की। इस बीच ग्रामीणों ने राजनाथ सिंह से लोकेंद्र की राजनीतिक विरासत परिवार के ही किसी सदस्य को सौंपने व उनकी स्मृति में गांव के भीतर किसी विद्यालय या अस्पताल का निर्माण कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री भी आ चुके हैं सांत्वना देने
नूरपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की लखनऊ जाते समय सीतापुर में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद 22 फरवरी को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास आलमपुरी में किया गया था। इसमें भाजपा के कई मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए थे। इसके बाद यूपी इन्वेस्टर्स समिट खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके परिवार को सांत्वना देने के लिए आलमपुरी पहुंचे थे।