
नोएडा। मुख्यमंत्री के एक बयान पर भाजपा नेताओं ने ही आपत्ति जता दी है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का बचाव भी किया है। दरअसल, कुछ दिन पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सहारनपुर को उत्तर प्रदेश से अलग करने की इच्छा जताई थी। सीएम ने कहा था कि उनकी भी इच्छा थी कि सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल किया जाए।
राज्य में नहीं पसंद किया गया बयान
वहीं, सीएम त्रिवेंद्र रावत का यह बयान उनके ही राज्य में पसंद नहीं किया गया। इससे वहां की भाजपा इकाई भी सकते में है। उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट ने साफ तौर पर सहारनपुर को उत्तराखंड में मिलाए जाने संबंधी किसी भी संभावना को सिरे से खारिज कर दिया। उनका यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि मुख्यमंत्री से उनकी फोन पर भी इस सिलसिले में बात हुई है। सीएम की बात के आशय को ठीक से नहीं समझा गया।
भाजपा में नहीं हुआ एेसा कोई विचार
उन्होंने कहा कि अब यह सवाल ही नहीं उठता है। राज्य की कल्पना पहले ही कर ली गई थी। अगर किसी क्षेत्र के लोग इस राज्य में शामिल होना चाहते हैं, तो यह उनकी अपनी इच्छा हो सकती है, लेकिन भाजपा में किसी स्तर पर यह विचार सामने नहीं आया है। इस तरह का प्रस्ताव न तो कभी भाजपा में और न ही सरकार में सामने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के वक्तव्य को गलत ढंग से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
भाजपा नेता ने की आपत्ति
वहीं, वरिष्ठ आंदोलनकारी और भाजपा नेता सुशीला बलूनी का कहना है कि उन्होंने उत्तराखंड पहाड़ी राज्य मांगा और इसके लिए लड़ाई लड़ी। पहले भी कुंभ क्षेत्र को ही राज्य में शामिल करने की मांग की थी, लेकिन अन्य क्षेत्र भी शामिल किए गए। अब यदि सहारनपुर को उत्तराखंड में मिलाया गया तो इससे इस पहाड़ी राज्य का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
क्या था मामला
दरअसल, पिछले सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत सहारनपुर में पहुंचे थे। यहां उन्होंने दो निजी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। बेहट रोड स्थित बालाजी धाम मंदिर में आयोजित वार्षिकोत्सव में शिरकत करने के बाद उन्होंने कहा था कि सहारनपुर का उत्तराखंड से सामाजिक व व्यवसायिक रिश्ता भी है। सहारनपुर की इच्छा रही है कि उत्तराखंड में शामिल हो। जब उत्तराखंड का निर्माण हो रहा था, तब भी यहां की चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने काफी प्रयास किया था। सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा था कि उनकी भी इच्छा थी कि जनपद सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल किया जाए।