आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल और शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत हजारों आंगनबाड़ी केन्द्रों में पानी की समुचित व्यवस्था के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।
पाली। प्रदेश में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही वहां शौचालय की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से 9519 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पेयजल एवं शौचालयों में पानी की व्यवस्था के लिए 1618.23 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। इस राशि से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पानी की टंकी, पाइपलाइन, आरओ सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
इसमें जालोर जिले के 375 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए 63.75 लाख, पाली जिले के 260 केन्द्रों के लिए 44.20 लाख तथा सिरोही जिले के 131 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए 22.27 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। चयनित प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए 17 हजार रुपए की दर से राशि आवंटित की गई है। यह कार्य उन केन्द्रों पर करवाया जाएगा, जो विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं और जहां वर्तमान में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है।
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पेयजल सुविधा के लिए विद्युत मोटर के माध्यम से भूतल की पानी की टंकी (300 से 500 लीटर) से छत की पानी की टंकी (300 से 500 लीटर) तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लगाए जाएंगे। छत की टंकी से शौचालय, वॉश बेसिन, आरओ और रसोईघर तक पाइपलाइन डालकर तीन नल लगाए जाएंगे।
योजना के लिए अलग से बैंक खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा ‘पे-मैनेजर’ पर मैपिंग की गई है। कार्य की निगरानी सीधे निदेशालय स्तर से की जाएगी। खर्च का उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर जमा कराना अनिवार्य होगा। भुगतान केवल तीन सदस्यीय तकनीकी समिति द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जा सकेगा।