
Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर ने राज्य की सियासत और पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है। 28 वर्षीय भारत तिवारी की मौत के बाद से ही घटना के बारे में पुलिस के दावों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, इस मुद्दे पर जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सवाल पूछे गए तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। दूसरी तरफ भरत की मां आशा देवी की शिकायत पर हत्या और साजिश के आरोप में जगदीशपुर DSP और शाहपुर SHO समेत 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के मौके पर जब BJP के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, तो मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। पत्रकारों ने भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर उनसे सवाल पूछा कि लोग भोजपुर में हुए भारत तिवारी एनकाउंटर को पूरी तरह फर्जी बता रहे हैं। यहां तक कि आपकी अपनी पार्टी के कई नेता भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। इस बारे में सरकार का क्या कहना है? इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। पत्रकारों ने माइक आगे करके बार-बार सवाल पूछा, लेकिन मुख्यमंत्री बिना एक शब्द बोले अपनी गाड़ी में बैठे और वहां से चले गए।
इस मामले में भारत तिवारी की मां आशा देवी की शिकायत पर भोजपुर पुलिस को डीएसपी और थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करना पड़ा है। मृतक की मां आशा देवी ने अपनी शिकायत में पुलिस पर पहले से सोची-समझी साज़िश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन (17 जून) जब पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी और STF के जवान उनके घर पहुँचे, तो भरत तिवारी ने फ़ेसबुक लाइव वीडियो शुरू किया और सबके सामने अपना हथियार जमीन पर फेंक कर खुद को सरेंडर कर दिया था।
परिवार का आरोप है कि जब भरत पूरी तरह निहत्थे हो गए तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद जगदीशपुर DSP के कथित आदेश पर पुलिस ने बहुत करीब से उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। भरत को कुल पांच गोलियां लगीं। एनकाउंटर के बाद पुलिस खून से लथपथ भरत को ले गई। घंटों तक वे दर्द से तड़पते रहे, लेकिन परिवार को उनके ठिकाने के बारे में कोई सही जानकारी नहीं दी गई। शाम को उन्हें उनकी मौत की खबर मिली जिससे पूरे इलाके में हंगामा मच गया।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर कल (24 जून) एक बड़ी महापंचायत आयोजित की जा रही है। न्याय की मांग के लिए इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोगों और सामाजिक संगठनों के जुटने की उम्मीद है। परिजनों और स्थानीय समाज द्वारा बुलाई गई इस सभा में मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई जाएगी। ऐसी संभावना है कि इसमें जाने-माने राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हो सकते हैं।