पटना

विधान परिषद की 20 सीटों पर होगा फैसला, नीतीश-सम्राट समेत कई दिग्गजों की सीट खाली, जानें किसका पलड़ा भारी

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद में इस वर्ष 20 नए सदस्य चुन कर आएंगे। इनमें से 11 सीटें विधानसभा कोटे के अंतर्गत आती हैं, जबकि शेष सीटें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की हैं।

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Apr 27, 2026
बिहार विधान मंडल
बिहार विधान परिषद

Bihar MLC Election 2026:बिहार की राजनीति में चुनावी सरगर्मी एक बार फिर तेज होने वाली है। वर्ष 2026 विधान परिषद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है, क्योंकि इस वर्ष कुल 20 सीटों पर नए सदस्य चुन कर आने वाले हैं। इन सीटों में विधानसभा कोटे के तहत 11 महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं, जिनके लिए अगले महीने द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव होने की प्रबल संभावना है। इसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जैसे राजनीतिक दिग्गजों की सीटें भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए भी चुनाव होने हैं।

विधानसभा कोटे की 11 सीटों का समीकरण

विधानसभा कोटे के तहत कुल 11 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिनमें से दो सीटें उपचुनाव हैं। इनमें से भाजपा नेता मंगल पांडे के विधानसभा चुनाव में निर्वाचित होने के बाद खाली हुई सीट के लिए चुनावी प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली सीट के लिए चुनाव की आधिकारिक तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मंगल पांडे की सीट भाजपा के पास ही रहेगी, जबकि नीतीश कुमार की खाली सीट जदयू कोटे में जाएगी। इन दोनों सीटों का कार्यकाल मई 2030 तक रहेगा।

इसके अलावा द्विवार्षिक चुनाव की शेष 9 सीटों में से संख्या बल के आधार पर एक सीट राजद या महागठबंधन के किसी दल के खाते में जाने की उम्मीद है। वहीं, चिराग पासवान की लोजपा (आर) को भी एक सीट मिल सकती है। बाकी बची 7 सीटों पर भाजपा और जदयू के बीच बंटवारा होने की संभावना है।

28 जून को समाप्त हो रहा है इन सदस्यों का कार्यकाल

विधानसभा कोटे से विधान परिषद पहुंचे 9 सदस्यों का कार्यकाल आगामी 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। जदयू से डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, भीष्म सहनी और भगवान सिंह कुशवाहा जैसे नेताओं की विदाई हो रही है। वहीं भाजपा खेमे से संजय प्रकाश और मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी की सीटें खाली हो रही हैं। विपक्ष की बात करें तो राजद के कद्दावर नेता डॉ. सुनील कुमार सिंह, मो. फारुक और कांग्रेस के डॉ. समीर कुमार सिंह का कार्यकाल भी इसी तिथि को समाप्त होगा। इन सीटों पर नए चेहरों को उतारने या पुराने दिग्गजों को दोहराने को लेकर दलों के भीतर मंथन जारी है।

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मचेगी रार

सिर्फ विधानसभा कोटा ही नहीं, बल्कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनावी हलचल तेज है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पटना के प्रो. नवल किशोर यादव, सारण से अफाक अहमद, तिरहुत से भाकपा के प्रो. संजय कुमार सिंह और दरभंगा से कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा का कार्यकाल इस साल समाप्त हो रहा है।

इसके अलावा, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 4 सीटों पर 16 नवंबर 2026 को कार्यकाल पूरा होगा। इनमें पटना से जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार, तिरहुत से निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी, दरभंगा से सर्वेश कुमार और कोसी से डॉ. एनके यादव शामिल हैं। वहीं, भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र के लिए पहले ही उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है, इस सीट के लिए 12 मई को वोटिंग होगी।

अगले साल मनोनयन कोटे की 12 सीटों पर नजर

साल 2026 के इन चुनावों के बाद अगले साल की तैयारी भी अभी से शुरू हो गई है। मार्च 2027 में मनोनयन कोटे की 12 सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें जदयू और भाजपा के 6-6 सदस्य शामिल हैं। जदयू से अशोक चौधरी, संजय सिंह, ललन सर्राफ और भाजपा कोटे से जनक राम, देवेश कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार जैसे बड़े नेताओं का कार्यकाल अगले साल समाप्त होगा। वर्तमान में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, लेकिन स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में व्यक्तिगत छवि और स्थानीय समीकरणों के कारण मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।

Updated on:
27 Apr 2026 08:19 am
Published on:
27 Apr 2026 08:11 am