पटना

तेज प्रताप यादव पर घर में जबरन घुसने और धमकी देने का आरोप, शिकायत में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का भी जिक्र

Complaint against Tej Pratap yadav: आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव, उनके निजी सहायक और कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों पर आरोप लगाते हुए जान से मारने की धमकी, जबरन घर में प्रवेश की कोशिश और परिवार को डराने-धमकाने की शिकायत दर्ज कराई है। FIR दर्ज नहीं होने पर मामला अदालत पहुंचा है।

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Jun 18, 2026
complaint against tej pratap yadav
तेज प्रताप यादव (फोटो- Youtube @TY VLOG)

Tej Pratap yadav News: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एक बार फिर कानूनी विवाद में फंस गए हैं। अनुष्का यादव के साथ कथित संबंधों को लेकर पहले ही परिवार और राजद से निकाले जा चुके तेज प्रताप पर अब अनुष्का के भाई आकाश यादव ने पटना के पाटलिपुत्र थाने में गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। आकाश यादव का आरोप है कि तेज प्रताप न केवल जबरन उनके घर में घुसे, हंगामा किया और उनकी नाबालिग भतीजी के अपहरण की धमकी दी, बल्कि इस पूरे मामले का विरोध करने पर कुख्यात अंतरराष्ट्रीय लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर पूरे परिवार को गोली मार देने की धमकी भी दिलवाई।

थाने में नहीं हुई FIR, तो पीड़ित ने खटखटाया अदालत का दरवाजा

आकाश यादव ने घटना के बाद 10 जून 2026 को ही पटना के पाटलिपुत्र थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की गुहार लगाई थी। पुलिस ने उनका आवेदन तो प्राप्त कर लिया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद आकाश यादव ने 17 जून 2026 को पटना सिविल कोर्ट में इस संबंध में एक परिवाद (केस) दर्ज कराया। कोर्ट द्वारा केस रजिस्टर्ड किए जाने के बाद 18 जून 2026 (गुरुवार) को इस मामले पर अदालत में पहली सुनवाई पूरी हो चुकी है।

शौचालय जाने के बहाने फ्लैट में घुसे, फिर खाली करने से किया इंकार

10 जून को पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, यह पूरी वारदात 6 जून 2026 की रात लगभग 09:30 बजे की है। शिकायतकर्ता आकाश यादव उस समय राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे। पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित 'शरण विहार अपार्टमेंट' के फ्लैट नंबर-207 में उस वक्त केवल उनकी वृद्ध माता, बहन (अनुष्का यादव), नाबालिग भांजी उज्जैनी और उनका छोटा भाई ही मौजूद थे।

आरोप है कि तेज प्रताप यादव अपने निजी सहायक (PA) मोतीलाल यादव के साथ वहां पहुंचे और बलपूर्वक अंदर घुसने की कोशिश की। देर रात होने के कारण जब महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो दोनों आरोपियों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया और हंगामा खड़ा कर दिया। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें केवल शौचालय (टॉयलेट) का उपयोग करना है। जिस पर घर के सदस्यों ने उन्हें अंदर आने दिया, लेकिन अंदर आने के बाद उन्होंने फ्लैट छोड़ने से साफ इंकार कर दिया और आकाश के नाबालिग भाई को धमकाते हुए कहा, "बहुत गर्मी आ गई है तुम्हें? दो मिनट में शांत कर देंगे।"

नाबालिग भांजी के अपहरण की धमकी

आकाश यादव द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार उन्हें जब इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने रात 10:03 बजे और फिर 10:09 बजे मोतीलाल यादव को फोन किया और परिवार को अकेला छोड़ने को कहा। इसके जवाब में रात 10:16 बजे मोतीलाल के फोन से आए एक फेसटाइम कॉल पर तेज प्रताप यादव ने खुद बात की और अपनी राजनीतिक शक्ति का धौंस देते हुए कहा कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी और कोई FIR दर्ज नहीं होगी।

इतना ही नहीं, तेज प्रताप ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि उन्हें उनकी कथित पुत्री से मिलने से रोका गया, तो वे बच्ची का अपहरण करवा देंगे। इसके बाद रात 10:25 बजे दोबारा फोन कर इस पूरी घटना को गुप्त रखने का दबाव बनाया गया और कहा गया कि "हम तुम्हें तुम्हारी औकात दिखा देंगे।"

विवाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एंट्री

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, रात ठीक 11:33 बजे आकाश यादव के फोन पर एक अंतरराष्ट्रीय यूएसए (USA) व्हाट्सएप नंबर +1(812)647-4328 से कॉल और कई वॉइस नोट्स आए। यह नंबर ट्रूकॉलर पर 'जय बलकारी' के नाम से प्रदर्शित हो रहा था। इन वॉइस नोट्स में खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताने वाले एक मोहित नाम के एक व्यक्ति ने आकाश से कहा, "हेलो, बिश्नोई ग्रुप का बोल रहा हूं मोहित। अगर मंत्री के बारे में एक भी शब्द बोला तो इतनी गोली मारूंगा तुझे कि समझ नहीं आएगा।"

आकाश यादव के अनुसार, धमकी देने वाले ने साफ कहा कि वह मंत्री की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और अगर पुलिस या मीडिया में कोई भी शिकायत की गई, तो पूरे परिवार को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया जाएगा। पीड़ित का कहना है कि उनके पास इस पूरी वारदात से जुड़े सभी पुख्ता सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग्स और बिश्नोई गैंग के वॉइस नोट्स पूरी तरह सुरक्षित हैं।

आकाश यादव के परिवार से पुराना है विवाद

यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव का नाम अनुष्का यादव के परिवार के साथ विवादों में आया है। आकाश यादव ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि इससे पहले 12 और 13 दिसंबर 2024 को भी तेज प्रताप के रिश्तेदार नागेन्द्र राय ने 5-7 हथियारबंद गुंडों के साथ उनके घर पर धावा बोला था और बिहार छोड़ने के लिए ब्लैकमेल किया था, जिसकी एफआईआर (केस संख्या 853/2024) पीरबहोर थाना, पटना में पहले से दर्ज है।

इसी अनुष्का यादव के साथ रिश्ते को लेकर पूर्व में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को परिवार से अलग कर दिया था और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से भी छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

Updated on:
18 Jun 2026 05:31 pm
Published on:
18 Jun 2026 05:18 pm