
Vipin Sir on Khan Sir: पटना में दो कोचिंग संस्थानों के बीच चल रहे विवाद के बीच 'ज्ञान बिंदु GS एकेडमी' के डायरेक्टर रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस घटना को लेकर लगातार बयानबाज़ी हो रही है और कई शिक्षक भी इस पर अपनी राय रख रहे हैं। इसी कड़ी में अब 'मैथ मस्ती' कोचिंग के हेड विपिन कुमार यादव उर्फ विपिन सर का वीडियो सामने आया है। प्रिंस यादव के पैतृक गांव में जमा भीड़ के सामने विपिन सर ने अपने मोबाइल की व्हाट्सएप चैट दिखाते हुए खान सर पर कई आरोप लगाए। विपिन सर ने कहा कि प्रिंस यादव की मौत कोई मामूली घटना नहीं थी।
भीड़ को अपना मोबाइल स्क्रीन दिखाते हुए, विपिन सर ने कहा कि उनके और खान सर के बीच बहुत करीबी रिश्ता था, लेकिन इस पूरे विवाद ने खान सर का एक अलग, बेरहम पहलू उजागर कर दिया। विपिन सर ने कहा, "आप सभी जानते हैं कि अगर मैं लाइव क्लास के दौरान भी खान सर को फोन करता था, तो वे हमेशा फोन उठाते थे। हमारा जुड़ाव ऐसा था। लेकिन इस मामले में देखिए, मैंने शुक्रवार को उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज किया, पर उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया।"
विपिन सर ने बताया कि उन्होंने खान सर को मैसेज करके आग्रह किया था कि वे इस मामले को यहीं खत्म करें और विवाद को सुलझाने की पहल करें। क्योंकि रोशन आनंद सर जेल में थे और उन दोनों के बीच के झगड़े से छात्रों को कभी कोई फायदा नहीं होगा। विपिन सर ने आरोप लगाया कि खान सर ने शांति के इस प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं दिया। विपिन सर के अनुसार, खान सर चाहते थे कि ये लोग और अधिक कष्ट झेलें और जेल में ही सड़ते रहें।"
विपिन सर ने इस पूरे मामले की क्रोनोलॉजी समझाते हुए खान सर पर सोची-समझी साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रोशन आनंद की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन खान सर ने सोची-समझी रणनीति के तहत अपने वकील को कोर्ट से भगा दिया।
विपिन सर ने कहा, "शुक्रवार को खान सर का वकील कोर्ट से भाग जाता है या यूं कहें कि उन्होंने खुद अपने वकील को वहां से भगा दिया। वकील के भागने के कारण शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। वह आदमी अच्छी तरह जानता था कि शनिवार और रविवार को अदालत बंद रहती है। चाल यह थी कि रोशन आनंद को दो दिन और जेल के अंदर घसीटा जाए।"
विपिन सर ने इस देरी को प्रिंस यादव की मौत से जोड़ते हुए कहा, "जरा सोच कर देखिए, अगर रोशन आनंद सर शुक्रवार को ही जेल से बाहर आ जाते, तो दोनों भाई आपस में बात करते, वे साथ होते और यह मानसिक तनाव खत्म हो जाता। अगर खान सर ने सीधे तौर पर हत्या नहीं की है, तो भी इनडायरेक्टली इस मौत में उनका पूरा हाथ है। शुक्रवार को वकील भगाना और शनिवार को प्रिंस के साथ नेपाल में यह घटना घटना, इस बात का सबसे बड़ा सबूत है।"
विपिन सर ने कहा, "मैं नेपाल में हुए पोस्टमार्टम को बिल्कुल नहीं मानता हूं। क्या पता वहां की पुलिस, प्रशासन और सरकार बिक गई हो? क्योंकि सामने 1200 करोड़ रुपये की कंपनी का मालिक बैठा हुआ है। उसके पास बहुत पैसा है।" उन्होंने आगे कहा, "इस गांव के एक सुदूर इलाके से निकलकर एक सीधा-साधा लड़का (रोशन आनंद) पटना में सिर्फ बच्चों को पढ़ाने गया था। लेकिन सामने वाले को लगा कि यह मेरा कंपीटीटर है, इसीलिए कंपीटीटर को रास्ते से हटाने के लिए इतना बड़ा षड्यंत्र रचा गया। हमारी मांग है कि इस केस की सीबीआई जांच हो।"
पटना के किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस में हुए विवाद का जिक्र करते हुए विपिन सर ने कहा, "कोचिंग के पोस्टर को लेकर लड़ाई हुई थी, चलिए मान लेते हैं कि हाथापाई हुई और एक स्टाफ का सिर भी फूटा। लेकिन गोलियां किसने चलाई थीं? खान सर ने खुद अपने निजी गार्ड्स से गोलियां चलवाई थीं। और गोलियां खुद चलवाने के बाद पुलिस में उल्टा बयान दे दिया कि रोशन आनंद और उनके भाई ने आकर गोलियां चलाई हैं। सोचिए कि नेताओं और पुलिस प्रशासन में उस व्यक्ति की कितनी बड़ी पकड़ है कि उसके एक झूठे बयान पर पुलिस ने रोशन आनंद को आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।"