Venezuela News: दूसरे देशों पर हमला करना और उनके मामलों में हस्तक्षेप करना अमेरिका की पुरानी आदत रही है। वेनेजुएला से पहले अमेरिका ने पनामा पर हमला किया था। देश के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश ने पनामा के खिलाफ जस्ट कॉज ऑपरेशन को अंजाम दिया था।
Venezuela News : अमेरिका ने सैन्य अभियान के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Venezuela President Nicolas Maduro) और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को 3 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। अमेरिका ने मादुरो पर नारको टेररिज्म और ड्रग्स की तस्करी जैसे आरोप लगाकर मुकदमा चलाने का निर्णय लिया है। यह अमेरिका के लिए कोई नई बात नहीं थी। अमेरिका ने 36 वर्ष पहले भी पनामा (Panama invasion 1989) पर 20 दिसंबर 1989 को हमला कर वहां के शासक को गिरफ्तार कर लिया था। आइए जानते हैं कि पनामा में क्या हुआ था?
America's Operation Just Cause in Panama : अमेरिकी सेना ने जस्ट कॉज (Operation Just Cause) को अंजाम देने के लिए 20 दिसंबर 1989 की सुबह-सुबह सैकड़ों हेलीकॉप्टरों और बमवर्षकों के समर्थन से पनामा पर आक्रमण कर दिया। अमेरिका ने पनामा सैन्य अभियान में अपने करीब 26,000 से अधिक सैनिकों को झोंक दिया। उनका मिशन सैन्य तानाशाह और मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपी जनरल मैनुअल नोरीगा (Manuel Noriega) को गिरफ्तार करना था।
नोरीगा (Manuel Noriega) का उदय 1968 में उमर टोरिजोस द्वारा तख्तापलट के बाद सत्ता हथियाने के बाद शुरू हुआ। नोरीगा सैन्य खुफिया प्रमुख बने और जल्द ही अपनी चतुराई और निर्दयता के लिए ख्याति अर्जित की। उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल विरोधियों को खत्म करने और सैन्य प्रतिष्ठान के भीतर भ्रष्ट सौदों को सुविधाजनक बनाने के लिए किया।
1970 के दशक की शुरुआत तक मैनुएल नोरीगा (Manuel Noriega) कथित तौर पर अमेरिकी केंद्रीय खुफिया एजेंसी के साथ काम कर रहे थे। शीत युद्ध के दौरान उन्होंने मध्य अमेरिका में कम्युनिस्ट प्रभाव का मुकाबला करने में अमेरिका की सहायता की और पनामा में खुफिया अड्डे स्थापित करने में मदद की।
1981 में विमान दुर्घटना में टोरिजोस की मृत्यु के बाद, नोरीगा वास्तविक शासक के रूप में उभरे। अपने शासनकाल के दौरान, उन्होंने कोलंबियाई ड्रग लॉर्ड पाब्लो एस्कोबार सहित प्रमुख आपराधिक गिरोहों के साथ संबंध स्थापित किए। नोरीगा ने पनामा के बैंकों के माध्यम से ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग और अमेरिका में कोकीन की खेप भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और कथित तौर पर लाखों डॉलर की रिश्वत प्राप्त की।
हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उनकी गतिविधियों से अवगत थीं, फिर भी क्षेत्र में उनके रणनीतिक महत्व के कारण उन्होंने उनके साथ काम करना जारी रखा। नोरीगा 1980 के दशक के ईरान-कॉन्ट्रा घोटाले से भी जुड़े थे, जिसमें गुप्त हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी शामिल थी।
अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश ने पनामा पर हमला करने के आदेश दिया। सैनिकों ने 20 दिसंबर को पनामा सिटी पर बम गिराना शुरू कर दिया और बहुत तेजी से पनामा के सैन्य प्रतिष्ठानों और बंदरगाहों पर नियंत्रण कर लिया।
पनामा पर कब्जा जमाने के बाद राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (George H W Bush) ने राष्ट्र को संबोधित किया। बुश ने कहा था, 'कल रात मैंने अमेरिकी सैन्य बलों को पनामा भेजने का आदेश दिया। कोई भी राष्ट्रपति इस तरह का कदम हल्के में नहीं उठाता। आज सुबह मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैंने क्या किया और क्यों किया।'
बुश ने पनामा पर अमेरिका के आक्रमण के चार कारण बताए।
ऑपरेशन जस्ट कॉज़ के नाम से जाने जाने वाले अमेरिकी सैन्य बल के जबरदस्त प्रदर्शन ने 72 घंटों के भीतर अपने सभी रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर लिया था। हालांकि अमेरिका का परम लक्ष्य नोरीगा की गिरफ्तारी करना था। वह उसे अभी हासिल नहीं कर पाया था। वह अभी भी फरार था। जनरल अमेरिकी सेना से बच निकला और वेटिकन दूतावास में छिप गया।
अमेरिकी जनरल मैक्सवेल "मैड मैक्स" थुरमन ने वेटिकैन एम्बेसी को लाउडस्पीकरों से घेर लिया और चौबीसों घंटे रॉक संगीत बजाते रहे। वैन हेलन का "पनामा" और केनी लोगिन्स का "डेंजर ज़ोन" रॉक संगीत शामिल था। नोरीगा ने 3 जनवरी, 1990 को अमेरिकी सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) के अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। उन्हें अमेरिका ले जाया गया। मादक पदार्थों के आरोप में दोषी ठहराया गया। लगभग 20 साल जेल में बिताने के बाद वर्ष 2017 में 83 वर्ष की आयु में उसका निधन हो गया।