Cherry Angioma Symptoms : क्या आपके शरीर पर भी चेरी जैसे लाल दाने उभर रहे हैं? यह 'चेरी एंजियोमा' हो सकते हैं। इसके होने की मुख्य वजह क्या है? इसके क्या लक्षण होते हैं? क्या यह आपके जान को जोखिम में डाल सकता है? क्या है इसका इलाज? इन सभी सवालों के जवाब डॉ.पुनीत अग्रवाल से जानिए।
Cherry Angioma Symptoms: आज के समय में त्वचा से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याएं भी हमें तनाव में डाल देती हैं। अक्सर आपने गौर किया होगा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की त्वचा पर, खासकर छाती, पीठ या पेट पर छोटे-छोटे चमकीले लाल रंग के दाने या डॉट्स उभर आते हैं। कई बार लोग इन्हें साधारण मंसा (Wart), तिल या कोई गंभीर स्किन इंफेक्शन समझ लेते हैं। त्वचा पर दिखने वाले इन चमकीले लाल दानों को 'चेरी एंजियोमा' कहा जाता है। इसके अलावा इन्हें 'सेनाइल एंजियोमा' (Senile Angioma) या 'कैंपबेल डी मॉर्गन स्पॉट्स' (Campbell de Morgan spots) के नाम से भी जाना जाता है। यदि आपके या आपके किसी परिचित के शरीर पर इस तरह के लाल निशान दिख रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इस विस्तृत लेख में हम चेरी एंजियोमा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू को वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दृष्टिकोण से समझेंगे।
चेरी एंजियोमा त्वचा पर होने वाली एक बेहद आम और सामान्य (Benign) स्थिति है। यह त्वचा की सतह के ठीक नीचे स्थित छोटी रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels या Capillaries) का एक सौम्य ट्यूमर या क्लस्टर (Growth) होता है। जब ये सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं एक जगह पर एकत्रित होकर फैल जाती हैं, तो त्वचा पर एक छोटे लाल बिंदु या उभार के रूप में दिखाई देने लगती हैं। चूंकि इनका रंग एकदम पके हुए चेरी फल की तरह गहरा लाल या चमकीला लाल होता है, इसलिए इन्हें 'चेरी एंजियोमा' नाम दिया गया है।
डर्मेटोलॉजिस्ट्स के अनुसार, चेरी एंजियोमा होने का कोई एक सटीक या पुख्ता कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, व्यापक शोध और अध्ययनों के आधार पर इसके पीछे निम्नलिखित कारकों को जिम्मेदार माना जाता है।
चूंकि चेरी एंजियोमा से कोई शारीरिक खतरा नहीं होता, इसलिए चिकित्सीय रूप से इनका इलाज कराना अनिवार्य नहीं है। अधिकांश लोग इनका इलाज केवल दो ही स्थितियों में करवाते हैं:
क्या चेरी एंजियोमा खतरनाक होते हैं?
मेडिकल साइंस में चेरी एंजियोमा पूरी तरह से सौम्य (Benign / Non-cancerous) होते हैं। ये किसी भी प्रकार के त्वचा कैंसर (जैसे मेलानोमा या कार्सिनोमा) का संकेत नहीं होते हैं। इनसे स्वास्थ्य को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचता है। इनमें न तो कोई दर्द होता है, न खुजली होती है और न ही इनसे कोई संक्रामक बीमारी फैलती है।
चेरी एंजियोमा में सतर्क कब होना चाहिए?
भले ही चेरी एंजियोमा खतरनाक नहीं होते, लेकिन त्वचा पर दिखने वाला हर लाल या काला निशान चेरी एंजियोमा ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। आपको तुरंत किसी योग्य डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए यदि
क्या चेरी एंजियोमा को होने से रोका जा सकता है?
क्या चेरी एंजियोमा का अचानक शरीर पर बहुत ज्यादा संख्या में दिखना किसी अंदरूनी बीमारी (जैसे लीवर या मेटाबॉलिक हेल्थ) का शुरुआती संकेत हो सकता है, या यह विशुद्ध रूप से केवल त्वचा से जुड़ी समस्या है?
आमतौर पर चेरी एंजियोमा का धीरे-धीरे बढ़ना केवल त्वचा की उम्र बढ़ने (Aging) की एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन, यदि शरीर पर अचानक और बहुत तेजी से (Eruptive) सैकड़ों की संख्या में ये लाल डॉट्स उभरने लगें, तो यह विशुद्ध त्वचा की समस्या नहीं रह जाती। मेडिकल साइंस के अनुसार, अचानक इनकी बाढ़ आना शरीर के अंदरूनी विकारों, विशेषकर लीवर डैमेज (जैसे सिरोसिस), गंभीर मेटाबॉलिक असंतुलन या कुछ मामलों में आंतरिक ट्यूमर (Internal Malignancies) का शुरुआती संकेत हो सकते है। इसे मेडिकल भाषा में 'इरप्टिव चेरी एंजियोमा' कहते हैं, जिसके दिखने पर तुरंत पूरी शारीरिक जांच (Full Body Checkup) करानी चाहिए।
इंटरनेट पर कई जगह लिखा है कि यह शरीर में 'टॉक्सिन्स' बढ़ने से होता है। एक विशेषज्ञ के तौर पर आप इस दावे को कितना सही मानते हैं?
इंटरनेट पर चेरी एंजियोमा को 'टॉक्सिन्स' या शरीर की गंदगी से जोड़ना पूरी तरह गलत और अवैज्ञानिक है। मेडिकल साइंस में इसका कोई प्रमाण नहीं है। यह विशुद्ध रूप से बढ़ती उम्र, आनुवंशिकी (Genetics) और हार्मोनल बदलावों के कारण रक्त वाहिकाओं के फैलने से होता है, इसका शरीर की अशुद्धियों से कोई संबंध नहीं है।
आजकल 20 से 30 साल के युवाओं में भी यह समस्या काफी देखी जा रही है। क्या हमारी खराब लाइफस्टाइल, स्ट्रेस या खान-पान भी इसे कम उम्र में ट्रिगर कर रहे हैं?
वैसे तो यह बढ़ती उम्र की समस्या है, लेकिन आज के युवाओं में खराब लाइफस्टाइल, अत्यधिक मानसिक तनाव (Stress) अनहेल्दी खान-पान और धूम्रपान इसे कम उम्र में ही ट्रिगर कर रहे हैं। तनाव और प्रोसेस्ड फूड शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) और फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं। यह स्थिति त्वचा के कोलेजन को कमजोर करती है और सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को समय से पहले संवेदनशील बनाकर उनके असामान्य विकास यानी चेरी एंजियोमा को बढ़ावा देती है।
महिलाओं में गर्भावस्था (Pregnancy) या मेनोपॉज के दौरान इसके मामले अचानक बढ़ जाते हैं। इसके पीछे कौन से हार्मोनल बदलाव काम करते हैं और क्या डिलीवरी के बाद ये खुद ब खुद गायब भी हो सकते हैं?
गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन का स्तर बहुत तेजी से बदलता है। खासकर प्रेगनेंसी में एस्ट्रोजन का बढ़ा हुआ स्तर और रक्त का प्रवाह (Blood Circulation) सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को फैला देता है, जिससे अचानक नए चेरी एंजियोमा उभर आते हैं। राहत की बात यह है कि डिलीवरी के बाद जब हार्मोन्स वापस सामान्य होते हैं, तो इनमें से कुछ एंजियोमा खुद-ब-खुद हल्के या छोटे हो सकते हैं, हालांकि सभी पूरी तरह गायब नहीं होते।
सोशल मीडिया पर लोग सेब का सिरका लगाने, लहसुन रगड़ने या खुद ही इसे सुई से फोड़ने के घरेलू नुस्खे शेयर करते हैं। एक डर्मेटोलॉजिस्ट के तौर पर आप इन तरीकों के क्या गंभीर खतरे के रुप में देखते हैं?
घरेलू नुस्खे आजमाना बेहद खतरनाक हो सकता है। चेरी एंजियोमा असल में खून की नलिकाओं का गुच्छा है। इसे सुई से फोड़ने या काटने पर अत्यधिक ब्लीडिंग हो सकती है, जिसे रोकना मुश्किल होता है। इसके अलावा सेब का सिरका या लहसुन रगड़ने से त्वचा गंभीर रूप से जल सकती है, जिससे स्थायी दाग (Scar) और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
क्या डाइट में बदलाव करके (जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ाकर) या किसी खास स्किनकेयर रूटीन (जैसे सनस्क्रीन का सही इस्तेमाल) से नए चेरी एंजियोमा को बनने से रोका जा सकता है?
डाइट और सही स्किनकेयर से नए चेरी एंजियोमा के बनने की रफ्तार को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है। भोजन में एंटीऑक्सीडेंट्स (जैसे विटामिन C, E और बेरीज) बढ़ाने से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है, जो रक्त वाहिकाओं को असमय कमजोर होने से बचाता है। वहीं, रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाने से त्वचा हानिकारक यूवी (UV) किरणों से बची रहती है। यूवी किरणें त्वचा के कोलेजन और महीन नसों को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे एंजियोमा विकसित होने का खतरा बढ़ता है। हालांकि आनुवंशिकी (Genetics) को बदला नहीं जा सकता, लेकिन अच्छी आदतें त्वचा को लंबे समय तक सुरक्षित रखती हैं।