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बारिश आते ही बाजार में छा जाता है फूटू, जानिए छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी सब्जी की खासियत

Chhattisgarh Wild Mushroom: सावन की बारिश के साथ बाजारों में जंगली फूटू (मशरूम) की एंट्री हो गई है। करीब 1200 रुपये किलो बिकने वाला यह मौसमी वन उत्पाद स्वाद, पोषण और पारंपरिक पहचान के कारण लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
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Aug 04, 2026
Chhattisgarh Wild Mushroom
Chhattisgarh Wild Mushroom: बारिश आते ही बाजार में छा जाता है फूटू(photo-patrika)

Chhattisgarh Wild Mushroom: छत्तीसगढ़ में सावन की बारिश शुरू होते ही जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला जंगली फूटू (मशरूम) बाजारों में पहुंच गया है। स्वाद और पोषण से भरपूर यह मौसमी वन उपज इन दिनों रायपुर सहित कई शहरों में करीब 1200 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। सीमित समय के लिए उपलब्ध होने के कारण इसकी मांग हर साल सावन में तेजी से बढ़ जाती है। ग्रामीण इलाकों में इसे पारंपरिक व्यंजन माना जाता है, जबकि शहरों में लोग इसके खास स्वाद और पौष्टिक गुणों के कारण महंगी कीमत चुकाकर भी इसे खरीद रहे हैं।

Footu Mushroom: सिर्फ स्वाद नहीं, पोषण का भी खजाना

नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर की डायटीशियन डॉ. नेहा जैन के अनुसार फूटू प्रोटीन और डाइटरी फाइबर का अच्छा स्रोत है। लगभग 100 ग्राम फूटू में 4 से 5 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, कब्ज की समस्या कम करने और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देने में मदद करता है। इसे अच्छी तरह पकाकर सब्जी के रूप में खाना सबसे लाभदायक माना जाता है।

सावन में क्यों बढ़ जाती है इसकी मांग?

सावन के दौरान लगातार होने वाली बारिश और जंगलों में नमी बढ़ने से फूटू प्राकृतिक रूप से उगता है। यह बहुत कम दिनों के लिए उपलब्ध रहता है, इसलिए इसकी कीमत भी अधिक रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे पारंपरिक भोजन का हिस्सा माना जाता है, जबकि शहरों में इसकी बढ़ती लोकप्रियता और सीमित उपलब्धता के कारण मांग लगातार बढ़ रही है।

खरीदते समय रखें ये सावधानियां

विशेषज्ञों का कहना है कि जंगली फूटू खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की जांच करना बेहद जरूरी है। फूटू का अंदरूनी हिस्सा सफेद होना चाहिए। यदि वह अंदर से काला हो चुका है या अधिक परिपक्व दिखाई देता है, तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए। मिट्टी, दीमक या अन्य अशुद्धियों वाले फूटू से संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।

खाने से पहले ऐसे करें तैयार

फूटू को पकाने से पहले कम से कम आधे घंटे तक गुनगुने या गर्म पानी में भिगोकर अच्छी तरह साफ करना चाहिए। इसके बाद ही इसे अच्छी तरह पकाकर सेवन करें। कच्चा या अधपका फूटू स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

किन लोगों को नहीं खाना चाहिए फूटू?

डॉ. नेहा जैन के अनुसार गर्भवती महिलाओं को जंगली फूटू खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें फूड पॉइजनिंग का खतरा अधिक रहता है। वहीं, गंभीर एसिडिटी या पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

सावन की खास सौगात, लेकिन सतर्कता भी जरूरी

फूटू सावन के मौसम की एक अनमोल वन उपज है, जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल मानी जाती है। हालांकि इसकी सही पहचान, सफाई और पकाने का तरीका अपनाना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही इस स्वादिष्ट मौसमी सब्जी को सेहत के लिए नुकसानदायक भी बना सकती है।

Updated on:
04 Aug 2026 11:22 am
Published on:
04 Aug 2026 11:22 am