AI Revolution in India: भारत आज 95 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के साथ अमेरिका जैसे विकसित देशों को कड़ी टक्कर दे रहा है। अमेरिका में तकनीक का उपयोग परिपक्वता के स्तर को हासिल कर चुका है। भारत में सस्ते डेटा और 5G की वजह से AI का विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है। वह दिन दूर नहीं जब यूजर बेस और डिजिटल इनोवेशन के मामले में भारत, अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा AI और टेक लीडर बन जाएगा। पढ़िए विस्तृत रिपोर्ट।
Internet Revolution in India: डिजिटल दुनिया की रेस में भारत अब केवल भाग नहीं रहा, बल्कि दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। 'इंटरनेट इन इंडिया' की रिपोर्ट और अमेरिका के 'प्यू रिसर्च सेंटर' (Pew Research Center) के आंकड़े आकलन करने पर भारत की अलग तस्वीर बनती हुई दिखाई दे रही है। आज की तारीख में भारत में इंटरनेट यूजर्स बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं। अकेले हमारे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले यूजर्स की संख्या अमेरिका की कुल इंटरनेट आबादी से लगभग दोगुनी है। लेकिन अमेरिका आज भी AI पर भरोसा के मामले पीछे है।
डिजिटल इंडिया में भारत की ग्रामीण आबादी ज्यादा योगदान दे रही है। इंटरनेट और AI ने लोगों की बीच की दूरी काफी कम कर दी है। अब AI की मदद से लोग जानकारी लेना, सीखना और काम को अंजाम देने को आसान मानने लगे हैं। आईएएमएआई की रिपोर्ट के अनुसार, देश के कुल इंटरनेट यूज़र्स में से 57% अब ग्रामीण भारत से हैं, जो दिखाता है कि डिजिटल और AI अब गांवों तक पहुंच चुका है। लगभग 54.8 करोड़ ग्रामीण इंटरनेट चला रहे हैं।
दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में कुल इंटरनेट आबादी लगभग 32.4 से 32.7 करोड़ है। यानी अमेरिका के कुल जितने लोग ऑनलाइन हैं, उससे करीब 22 करोड़ ज्यादा लोग तो सिर्फ भारत के गांवों में इंटरनेट चला रहे हैं। गांवों में इंटरनेट अपनाने की रफ्तार शहरों के मुकाबले चार गुना ज्यादा है। मोबाइल और डेटा सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है। गांव के युवा अब यूट्यूब से खेती के नए गुर सीख रहे हैं। एआई की मदद से सरकारी योजनाओं के फॉर्म खुद ही भर रहे हैं। इतना ही नहीं, AI की मदद से वह अपनी पढ़ाई और प्रोजेक्ट पूरी कर रहे हैं।
आजकल लोग कहीं भी रह रहे हों, ज्यादातर समय मोबाइल पर रील्स देखने में समय बिता रहे हैं। करीब 61% भारतीय शॉर्ट वीडियो देखते हैं, और इसमें गांव के लोग शहर के लोगों से आगे निकल चुके हैं। AI की मदद से अब एआई ऐप्स हर यूजर को उसकी पसंद के हिसाब से कंटेंट दिखाते हैं, जिससे रील्स का क्रेज और भी बढ़ गया है। युवाओं के लिए तो यह रोजमर्रा की आदत बन गई है। सुबह उठने के साथ और रात में सोने से पहले रील्स देखना आम बात हो गई है। AI ने न सिर्फ मनोरंजन के तरीके बदले हैं, बल्कि छोटे शहरों और गांवों के कलाकारों को भी एक बड़ा प्लेटफॉर्म मुहैया कराया है। अब कोई भी क्रिएटर अपनी मेहनत और टैलेंट से रातोंरात मशहूर हो सकते हैं।
भारत में शॉपिंग का तरीका तेजी से बदल रहा है, और इसमें AI की बड़ी भूमिका है। अब ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की मदद से लोग घर बैठे ही किराने से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक सब कुछ ऑर्डर कर रहे हैं। AI लोगों की पसंद और जरूरत को समझकर उन्हें सही प्रोडक्ट सजेस्ट करता है, जिससे ऑनलाइन खरीदारी और आसान हो जाती है। शहरी इलाकों में करीब 23 करोड़ लोग ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं। वहीं सोशल कॉमर्स यानी फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी AI की मदद से खरीदारी बढ़ी है, जिससे छोटे व्यापारियों को भी बड़ा फायदा मिल रहा है ।
भारत में अब मल्टी-डिवाइस उपयोग में भी भारी वृद्धि हो रही है। अब भारत में 19.3 करोड़ लोग ऐसे हैं जो एक समय में मोबाइल, स्मार्ट टीवी और लैपटॉप पर इंटरनेट का आनंद लेते हैं। लगभग 16.5 करोड़ एक समय में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। शहरी क्षेत्रों में मल्टी-डिवाइस का उपयोग 31 प्रतिशत है, जबकि ग्रामीण भारत में यह 12 प्रतिशत तक पहुंच गया है। साझा उपकरणों का उपयोग भी एक बड़ा माध्यम बना हुआ है।18 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ता किसी और के मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन होते हैं, और इनमें से 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं।
| पैरामीटर | भारत (India) | अमेरिका (USA) |
|---|---|---|
| कुल इंटरनेट यूजर | 95.8 करोड़ | 32.7 करोड़ |
| ग्रामीण भागीदारी | 57% | लगभग बराबर |
| AI फीचर्स का उपयोग | 44% | 82% |
| AI का उपयोग न्यूज में | 22% | 1% |
भारत में अब भी करीब 58 करोड़ लोग इंटरनेट से पूरी तरह जुड़े नहीं हैं। लगभग 38% आबादी अभी भी ऑफलाइन है। हालांकि यह संख्या हर साल कम होती जा रही है। गांवों में 5G नेटवर्क का तेजी से प्रसार हो रहा है और बाजार में सस्ते स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में ऑफलाइन रहने वाले लोगों की संख्या में तेजी से कमी आएगी। AI और डिजिटल सेवाओं के बढ़ने के साथ यह एक बड़ा अवसर बनता जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में यही लोग भी AI और इंटरनेट आधारित तकनीकों का हिस्सा बन सकते हैं।
भारत अब सिर्फ यूजर संख्या में ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी को अपनाने में भी आगे बढ़ रहा है । लोग अब AI और डिजिटल टूल्स को अपनी भाषा और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत के गांवों में भी अब डिजिटल बदलाव बहुत तेजी से हो रहा है, जो आने वाले समय में देश की आर्थिक तरक्की में बड़ा योगदान रहेगा। 95 करोड़ इंटरनेट यूजर्स और AI का बढ़ता इस्तेमाल भारत को दुनिया का बड़ा AI लीडर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।