Patrika Special News

Alcohol Side Effects: छत्तीसगढ़ में चौंकाने वाला खुलासा! शराब बना रही युवाओं को समय से पहले दिव्यांग, 35 की उम्र में बदल रही कूल्हे की जोड़

Alcohol Addiction:छत्तीसगढ़ में शराब की लत से 35-40 साल के युवाओं में हिप रिप्लेसमेंट के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कैसे शराब कूल्हे की जोड़ खराब कर समय से पहले दिव्यांग बना सकती है।
3 min read
Aug 03, 2026
Alcohol Side Effects
शराब की लत से युवाओं के हिप्स की जोड़ हो रही खराब (photo AI image)

Alcohol Addiction: शराब केवल लिवर और किडनी को ही नुकसान नहीं पहुंचा रही, बल्कि अब यह युवाओं के कूल्हे (हिप) की हड्डियों को भी तेजी से खराब कर रही है। राजधानी रायपुर के हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन्हें 35 से 40 वर्ष की उम्र में ही हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हे की जोड़ बदलने) जैसी बड़ी सर्जरी करानी पड़ रही है।

पहले 60 ज्यादा की उम्र में होता था रिप्लेसमेंट

विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यह ऑपरेशन आमतौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में किया जाता था, लेकिन अब लंबे समय तक शराब पीने की आदत युवाओं को समय से पहले ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचा रही है। यदि समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो मरीज जीवनभर के लिए चलने-फिरने में असमर्थ या दिव्यांग भी हो सकता है।

10 साल में पांच गुना बढ़े हिप रिप्लेसमेंट के मामले

ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के अनुसार, एक दशक पहले एक हजार लोगों में केवल 2 से 3 मरीजों को हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ती थी। अब यही संख्या बढ़कर 10 से 15 मरीज प्रति हजार तक पहुंच गई है। यानी लगभग पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या 35 से 40 वर्ष के युवाओं की है।

केस-1: दर्द समझकर खाते रहे पेन किलर, MRI में सामने आई सच्चाई

35 वर्षीय युवक को जांघ और कमर के बीच लगातार दर्द रहता था। चलते समय लंगड़ाने लगा। स्थानीय स्तर पर दर्द निवारक दवाएं दी जाती रहीं, जिससे कुछ दिन राहत मिलती लेकिन दर्द फिर लौट आता। रायपुर के बड़े अस्पताल में एमआरआई कराने पर पता चला कि हिप जॉइंट पूरी तरह घिस चुकी है। डॉक्टरों ने तत्काल हिप रिप्लेसमेंट की सलाह दी। मेडिकल हिस्ट्री में सामने आया कि युवक छात्र जीवन से ही नियमित शराब पीता था।

केस-2: जमीन पर बैठना हुआ मुश्किल, एक्स-रे सामान्य लेकिन MRI ने खोला राज

36 वर्षीय व्यक्ति को जमीन पर बैठने और उठने में परेशानी होने लगी। शुरुआत में एक्स-रे रिपोर्ट सामान्य आई, लेकिन दर्द बढ़ने पर एमआरआई कराया गया। जांच में पता चला कि कूल्हे की हड्डी और कार्टिलेज गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। आयुष्मान योजना के तहत मरीज का हिप रिप्लेसमेंट किया गया। डॉक्टरों ने उसे भविष्य में पूरी तरह शराब छोड़ने की सलाह दी।

कैसे खराब होती है हिप की जोड़?

विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार शराब पीने से शरीर में रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे कूल्हे की हड्डी तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंचता। धीरे-धीरे हड्डी कमजोर होने लगती है और उसका ऊपरी हिस्सा गलने या घिसने लगता है। इसे मेडिकल भाषा में एवस्कुलर नेक्रोसिस (Avascular Necrosis-AVN) कहा जाता है। शुरुआत में दर्द होता है, लेकिन इलाज में देरी होने पर पूरा जोड़ खराब हो जाता है और अंततः हिप रिप्लेसमेंट ही एकमात्र विकल्प बचता है।

पहले ये वजहें थीं अब शराब सबसे बड़ा कारण

सड़क दुर्घटना में गंभीर फ्रैक्चर
सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारी
उम्र बढ़ने के कारण जोड़ घिसना
लेकिन अब डॉक्टरों के अनुसार सबसे तेजी से बढ़ने वाला कारण लंबे समय तक शराब का सेवन बन चुका है।

सबसे बड़ी गलती दर्द को मामूली समझना

पेन किलर खाते रहते हैं।
झोलाछाप या स्थानीय क्लीनिक से इलाज कराते हैं।
एक्स-रे सामान्य आने पर निश्चिंत हो जाते हैं।
जब तक एमआरआई कराया जाता है, तब तक हिप जॉइंट काफी हद तक खराब हो चुकी होती है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

जांघ और कमर के बीच लगातार दर्द
चलते समय लंगड़ापन
जमीन पर बैठने या उठने में कठिनाई
सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी
लंबे समय तक खड़े रहने पर दर्द बढ़ना
पैर घुमाने में तकलीफ

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

डॉ. सुनील खेमका, सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन एवं डायरेक्टर, श्री नारायणा अस्पताल

"बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड दवाओं का सेवन और लंबे समय तक शराब पीना हड्डियों को कमजोर कर रहा है। अब 35-40 साल के युवाओं में भी हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ रही है। युवाओं को शराब से दूरी बनानी चाहिए।"

डॉ. सत्येंद्र फुलझेले, एचओडी, ऑर्थोपेडिक्स

"पहले सड़क दुर्घटना और सिकल सेल जैसी बीमारियों के कारण हिप रिप्लेसमेंट करना पड़ता था। अब शराब की लत से कूल्हे की जोड़ बदलनी पड़ रही है। शराब केवल हड्डियों ही नहीं, बल्कि लिवर के लिए भी बेहद नुकसानदायक है।

शराब का असर सिर्फ लिवर तक सीमित नहीं

हड्डियां कमजोर होती हैं।
हिप जॉइंट खराब हो सकता है।
लिवर सिरोसिस का खतरा बढ़ता है।
मांसपेशियां कमजोर होती हैं।
शरीर की रिकवरी क्षमता कम हो जाती है।
फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।

हिप रिप्लेसमेंट कब जरूरी होता है?

हिप जॉइंट पूरी तरह घिस जाए
दर्द असहनीय हो जाए
चलना-फिरना मुश्किल हो जाए
दवाओं से आराम न मिले
एमआरआई में जोड़ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मिले

मुख्य बातें

10 साल में हिप रिप्लेसमेंट के मामलों में करीब 5 गुना वृद्धि
35-40 साल के युवा भी पहुंच रहे ऑपरेशन तक
शराब बनी सबसे बड़ा जोखिम कारक
दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
समय पर MRI और विशेषज्ञ से परामर्श बचा सकता है बड़ी सर्जरी से

Updated on:
03 Aug 2026 12:43 pm
Published on:
03 Aug 2026 12:32 pm