
Chhattisgarh Liquor Scam: भिलाई के दो CA के ठिकानों पर EOW की रेड(photo-patrika)
Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शनिवार को भिलाई के नेहरू नगर स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अजय सोमानी और प्रदीप पाल के कार्यालय में छापेमारी की। दोनों पीएसएसी एंड एसोसिएट्स के पार्टनर हैं और एनवी डिस्टलरी के ऑडिट से जुड़े होने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने ऑडिट से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं।
जानकारी के अनुसार, स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) ने निविदा प्रक्रिया के तहत पांच सीए फर्मों की नियुक्ति की थी। इनमें पीएसएसी एंड एसोसिएट्स को नोडल एजेंसी बनाया गया था, जिसकी जिम्मेदारी अन्य फर्मों की ऑडिट रिपोर्ट एकत्रित कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की थी। ईओडब्ल्यू को आशंका है कि शराब घोटाले को अंजाम देने के लिए निविदा की शर्तों में बदलाव किए गए और ऑडिट प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
जांच में सामने आया है कि कथित शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने कई शराब दुकानों में नियुक्त सीए फर्मों को ऑडिट करने नहीं दिया। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि अवैध शराब की बिक्री बिना किसी बाधा के जारी रह सके और वास्तविक स्टॉक तथा बिक्री का खुलासा न हो। ईओडब्ल्यू अब ऑडिट रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान एनवी डिस्टलरी से जुड़े कई वाहनों के जरिए अवैध शराब परिवहन किए जाने के इनपुट भी मिले हैं। एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई से बचने के लिए कई वाहन बेच दिए गए या दूसरी जगह भेज दिए गए। अब तक अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए 24 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इनके मालिकों और अन्य संदिग्ध वाहनों की तलाश जारी है।
EOW ने एनवी डिस्टलरी से जुड़े वाहन CG-04 MC 2593 को भी जब्त किया है। जांच में दावा किया गया है कि कारोबारी अनवर ढेबर के निर्देश पर इसी वाहन से मार्च-अप्रैल 2020 के लॉकडाउन के दौरान करीब 8400 पेटी शराब विभिन्न होटल और बार तक पहुंचाई गई थी। जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान निम्न गुणवत्ता की शराब का निर्माण कर बाद में उसे अनुपयोगी बताकर नष्ट कर दिया गया।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रहा है। हाल ही में ईडी ने रायपुर, भिलाई और बिलासपुर सहित कई स्थानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान नकदी, सोना, आभूषण और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे। ईओडब्ल्यू और ईडी दोनों एजेंसियां अब शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, ऑडिट प्रक्रिया और कथित सिंडिकेट की भूमिका की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।
Updated on:
02 Aug 2026 10:45 am
Published on:
02 Aug 2026 10:44 am
