
ब्रह्मांड की शुरुआत को लेकर वैज्ञानिकों की सोच बदलने वाली एक नई रिसर्च सामने आई है। पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय (University of Portsmouth) के इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्मोलॉजी एंड ग्रैविटी और बार्सिलोना के इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंसेज (Institute of Space Sciences) की रिसर्च टीम ने दावा किया है कि कुछ ब्लैक होल बिग बैंग से भी पहले अस्तित्व में रहे हो सकते हैं। इस अध्ययन का नेतृत्व प्रोफेसर एनरिक गाज़तानागा (Enrique Gaztañaga) ने किया है। रिसर्च के अनुसार, ये प्राचीन ब्लैक होल आज भी ब्रह्मांड में मौजूद हो सकते हैं और संभव है कि यही रहस्यमय डार्क मैटर (Dark Matter) का एक बड़ा हिस्सा हों, जिसे वैज्ञानिक अब तक सीधे देख नहीं पाए हैं।
यह रिसर्च ब्रह्मांड की शुरुआत को लेकर एक नए मॉडल "कॉस्मिक बाउंस" (Cosmic Bounce) की संभावना पर आधारित है। इसके अनुसार ब्रह्मांड की शुरुआत किसी एक विस्फोट से नहीं हुई, बल्कि एक पुराने सिकुड़ते हुए ब्रह्मांड के दोबारा फैलने की प्रक्रिया से हुई हो सकती है।
अब तक वैज्ञानिकों का मानना रहा है कि करीब 13.8 अरब साल पहले बिग बैंग के साथ ब्रह्मांड की शुरुआत हुई। इस सिद्धांत के अनुसार, शुरुआत में पूरा ब्रह्मांड बेहद गर्म और घने रूप में था, जिसके बाद तेजी से विस्तार शुरू हुआ और धीरे-धीरे तारे, ग्रह और आकाशगंगाएं बनीं।
बिग बैंग मॉडल कई वैज्ञानिक प्रमाणों को समझाने में सफल रहा है। इसमें ब्रह्मांडीय माइक्रोवेव पृष्ठभूमि विकिरण और आकाशगंगाओं के वितरण जैसी घटनाएं शामिल हैं।
बिग बैंग की शुरुआत किस वजह से हुई?
ब्रह्मांड की शुरुआती स्थिति इतनी व्यवस्थित क्यों थी?
शुरुआती ब्रह्मांड में इतनी विशाल संरचनाएं इतनी जल्दी कैसे बन गईं?
नई रिसर्च इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करती है।
रिसर्च टीम के अनुसार, ब्रह्मांड की शुरुआत एक "सिंगुलैरिटी" यानी ऐसी अवस्था से नहीं हुई जहां भौतिकी के नियम काम करना बंद कर देते हैं। इसके बजाय वैज्ञानिकों ने कॉस्मिक बाउंस मॉडल का अध्ययन किया है।
पहले एक पुराना ब्रह्मांड मौजूद था, जो धीरे-धीरे सिकुड़ रहा था। जब वह अत्यधिक घना हो गया तो क्वांटम भौतिकी के प्रभावों ने उसे पूरी तरह खत्म होने से रोक दिया। इसके बाद ब्रह्मांड ने दिशा बदली और फिर से फैलना शुरू किया। यही प्रक्रिया एक नए विस्तार वाले ब्रह्मांड की शुरुआत बन सकती है।
रिसर्च के अनुसार, ब्रह्मांड के सिकुड़ने वाले चरण में कुछ ब्लैक होल बन सकते थे। जब ब्रह्मांड ने "बाउंस" किया, तो ये ब्लैक होल पूरी तरह खत्म नहीं हुए बल्कि नए ब्रह्मांड में भी मौजूद रह गए। वैज्ञानिक इन्हें "कॉस्मिक फॉसिल" यानि ब्रह्मांडीय जीवाश्म कह रहे हैं। अगर यह सिद्धांत सही साबित होता है, तो आज मौजूद कुछ ब्लैक होल वास्तव में ब्रह्मांड के शुरुआती दौर से भी पुराने हो सकते हैं।
ब्रह्मांड में दिखाई देने वाला पदार्थ कुल पदार्थ का केवल एक छोटा हिस्सा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, बाकी बड़ा हिस्सा डार्क मैटर है। डार्क मैटर दिखाई नहीं देता, लेकिन उसका गुरुत्वाकर्षण प्रभाव आकाशगंगाओं की गति और निर्माण को प्रभावित करता है। नई रिसर्च का दावा है कि अगर बड़ी संख्या में प्राचीन ब्लैक होल मौजूद हैं, तो वे डार्क मैटर की भूमिका निभा सकते हैं। यानि जिन अदृश्य कणों की वैज्ञानिक दशकों से तलाश कर रहे हैं, उनकी जगह पुराने ब्लैक होल इस रहस्य का जवाब हो सकते हैं।
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने हाल के वर्षों में शुरुआती ब्रह्मांड में कुछ ऐसे विशाल पिंड देखे हैं, जो वैज्ञानिकों के अनुमान से काफी पहले बन गए थे। वैज्ञानिकों के लिए सवाल यह था कि ब्रह्मांड की शुरुआत के इतने कम समय में इतने बड़े ब्लैक होल और आकाशगंगाएं कैसे बन गईं? प्रोफेसर गाज़तानागा के अनुसार, अगर बिग बैंग के बाद पहले से ही कुछ विशाल ब्लैक होल मौजूद थे, तो शुरुआती ब्रह्मांड को संरचनाएं बनाने के लिए पूरी तरह नए सिरे से शुरुआत नहीं करनी पड़ी होगी। ये पुराने ब्लैक होल आकाशगंगाओं के निर्माण के केंद्र बन सकते थे।
रिसर्च मॉडल में वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि कॉस्मिक बाउंस के दौरान कुछ बेहद घनी संरचनाएं बच सकती थीं। लगभग 90 मीटर से बड़ी अत्यधिक घनी वस्तुएं इस बदलाव को पार कर सकती थीं।
इनमें शामिल हो सकते हैं—
प्राचीन ब्लैक होल
गुरुत्वाकर्षण तरंगों के अवशेष
शुरुआती ब्रह्मांड के घनत्व में बदलाव
ये सभी भविष्य में वैज्ञानिकों को बिग बैंग से पहले की जानकारी दे सकते हैं।
हालांकि यह अभी एक सैद्धांतिक मॉडल है और इसे साबित करने के लिए और शोध की जरूरत है।
वैज्ञानिक भविष्य में कई तरीकों से इसकी जांच कर सकते हैं :—
ब्रह्मांडीय माइक्रोवेव पृष्ठभूमि में छिपे संकेतों की खोज
गुरुत्वाकर्षण तरंगों का अध्ययन
अगर इन जांचों में इस मॉडल के समर्थन में प्रमाण मिलते हैं, तो ब्रह्मांड की शुरुआत को समझने का नजरिया पूरी तरह बदल सकता है।
यह रिसर्च अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं है, लेकिन इसने ब्रह्मांड की शुरुआत से जुड़े कई पुराने सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। संभव है कि कुछ ब्लैक होल केवल तारों के खत्म होने से नहीं बने हों, बल्कि वे उस समय के अवशेष हों जब हमारा ब्रह्मांड आज जैसा था ही नहीं।
अगर यह सिद्धांत सही साबित हुआ, तो आकाशगंगाओं को आकार देने वाले कुछ सबसे रहस्यमय पिंड वास्तव में बिग बैंग से पहले के ब्रह्मांड के जीवित प्रमाण हो सकते हैं।