कर्नाटक विधानसभा चुनाव नजदीक है और ऐसे में लिंगायत समुदाय बीजेपी को चुनाव में परेशानी में डाल सकता है।
नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव में विजय पताका लहराने के लिए बीजेपी ने पूरा दम लगा दिया है। इसी के मद्देनजर बुधवार को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय में हाईलेवल बैठक हुई। करीब चार घंटे चली इस मैराथन बैठक में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह , संघ प्रमुख मोहन भागवत, संघ सचिव भैयाजी जोशी और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती शामिल हुईं। ये मुलाकात तीन राज्यों में होने वाले चुनाव के संदर्भ मे हुई है।
दो महीने में तीसरी बार मिले शाह-भागवत
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आरएसएस के मुख्यालय में लगभग सवा बारह बजे पहुंचे और उस समय उमा भारती भी वहां उपस्थित थीं। कर्नाटक, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ में विधान सभा का चुनाव होने वाला है और इसी संदर्भ में शाह आरएसएस के मुख्यालय में गए थे हालांकि भागवत के साथ उनकी क्या बातचीत में क्या फैसले हुए ये जानकारी नहीं मिल पाई है। पिछले दो माह में अमित शाह की भागवत के साथ आज तीसरी बैठक हुई।
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कर्नाटक चुनाव में बीजेपी ने झोंक दी ताकत
बीजेपी के लिए कर्नाटक का चुनाव सम्मान का विषय बन गया है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने केन्द्र सरकार के पास लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने के लए प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव बीजेपी सरकार को परेशानी में डाल दिया। कर्नाटक में चुनाव का समय नजदीक है और ऐसे में लिंगायत समुदाय बीजेपी को चुनाव में परेशानी में डाल सकता है। इसके अलावा एससी-एसटी एक्ट को लेकर उपजे विवाद को लेकर भी संघ प्रमुख से मशविरा किया गया।
भागवत के सलाह पर शाह को भरोसा
बता दें कि शाह ने उत्तर पूर्वी तीन राज्यों में विजय मिलने के बाद भी भागवत से मिले थे और उसके बाद शाह नागपुर में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में हिस्सा लिया था और उस समय भागवत के साथ शाह ने लगभग साढ़े तीन घंटा बातचीत की थी।