राजनीति

चुनाव आयोग के नोटिस पर कपिल मिश्रा का बयान- ‘सच बोलना अपराध नहीं, मैं सच्चाई पर अडिग’

दिल्ली चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी सियासी बयानबाजी और तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर भी चरम पर पहुंच गया चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा को नोटिस भेजा

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दिल्ली विधानसभा चुनाव

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर जहां सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।

वहीं, प्रत्याशियों और नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी और तीखी प्रतिक्रियाओं को दौर भी चरम पर पहुंच गया है।

आलम यह है कि नेताओं की इस जुबानी जंग पर चुनाव आयोग को पैनी नजर रखनी पड़ी रही है।

यही वजह है कि ऐसे ही एक बयान के लिए चुनाव आयोग ( Election Commission ) ने भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के नेता कपिल मिश्रा ( Kapil Mishra ) को नोटिस भेजा है।

इस नोटिस में कहा गया है कि कपिल मिश्रा ( Kapil Mishra ) का यह कृत्य से दिल्ली में लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता ( Model Code of Conduct ) के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।

इस कानून के अंतर्गत उनका यह कृत्य दंडनीय अपराध है। इसके चलते कपिल मिश्रा को कारण बताओ नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है।

वहीं, चुनाव आयोग से मिले नोटिस को लेकर कपिल मिश्रा ने कहा है कि मुझे कल रात चुनाव आयोग से नोटिस मिला, मैं आज अपना जवाब दूंगा।

मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ भी गलत कहा। सच बोलना इस देश में अपराध नहीं है। मैंने सच बोला। मैं अपने बयान पर कायम हूं।

आपको बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून ( CAA ) के खिलाफ जारी प्रदर्शन स्थल को भाजपा उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने 'मिनी पाकिस्तान' बताया था।

यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि 8 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला होगा।

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Updated on:
24 Jan 2020 11:38 am
Published on:
24 Jan 2020 11:31 am
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