PM Narendra Modi ने कहा कि Self-reliance in defense production को लेकर उनका वादा केवल कागजी नहीं PM Narendra Modi ने इसके कार्यान्वयन को लेकर सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं
नई दिल्ली। कोरोना महामारी ( Coronavirus Crisis ) के बीच आत्मनिर्भर भारत अभियान ( Self-reliant india campaign ) को गति दे रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने गुरुवार को कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता ( Self-reliance in defense production ) को लेकर उनका वादा केवल बातचीत या कागजों तक ही नहीं सिमटा है। इसके कार्यान्वयन को लेकर सरकार ( Modi Government ) की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। ये बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा उत्पादन में आत्म निर्भरता ( Self-reliance in defense production ) पर आयोजित एक वेबिनार में कही। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में लंबे समय से देश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति अटकी हुई थी, लेकिन इस सरकार में CDS पर भी फैसला लिया गया है, जो अपने आप में भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सीडीएस के गठन के बाद सेना के तीनों अंगों में procurement पर समन्वय बेहतर हुआ है। इससे डिफेंस उपकरणों की खरीद को स्केल-अप करने में मदद मिल रही है। आने वाले दिनों में डोमेस्टिक इंडस्ट्री के लिए ऑर्डर्स का साइज भी बढ़ने वाला है। हाल ही में 101 डिफेंस आइटम्स को पूरी तरह से घरेलू खरीद के लिए सुरक्षित कर दिया गया है। इस लिस्ट को और व्यापक बनाया जाएगा, इसमें और आईटम जुड़ते जाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक उपकरणों में आत्मनिर्भरता के लिए तकनीकी अपग्रेडेशन जरूरी है। जो उपकरण आज बन रहे हैं, उनका नेक्स्ट जेनरेशन तैयार करने पर काम करने की भी जरूरत है। इससे लिए डीआरडीओ के अलावा निजी क्षेत्र और एकेडिमिक इंस्टीट्यूट्स में भी काम किया जा रहा है। डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों के साथ मिलकर स्टेट ऑफ आर्ट इंफ्रास्टक्चर तैयार किया जा रहा है। इसके लिए आने वाले 5 वर्षों में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दिनों श्रम कानून में रिफॉर्म का सिलसिला भी जो शुरू हुआ था, वो लगातार चल रहा है। कुछ वर्ष पहले तक इस प्रकार के विषयों पर सोचा भी नहीं जाता था और आज ये रिफॉर्म्स जमीन पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास और प्रतिबद्धता आपके सामने हैं। अब आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को हमें मिलकर पूरा करना है। प्राइवेट सेक्टर हो, पब्लिक सेक्टर हो या विदेशी पार्टनर्स, सभी के लिए आत्मनिर्भर भारत महत्वपूर्ण संकल्प है।