भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 230 हो गई दिल्ली में कोरोना वायरस के एक मरीज के ठीक होने की खबर आई
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) के मरीजों की संख्या बढ़कर 230 हो गई है। इस बीच दिल्ली में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) से संक्रमित एक मरीज के ठीक होने की खबर सामने आई है।
दिल्ली में कोरोना वायरस ( Coronavirus in Delhi ) के पहले मरीज रोहित दत्ता ठीक होकर हॉस्पिटल से घर जा चुके हैं। रोहित दत्ता ने कोरोना संक्रमण होने से आइसोलेशन वार्ड ( Isolation Ward ) में रहने तक की अपनी कहानी लोगों के साथ साझा की है।
रोहित ने बताया कि वह 21 जनवरी को इटली और फिर हंगरी के बुडापेस्ट में गए थे। 25 फरवरी को वह वापस भारत लौटे लेकिन उसी रात उनको 99.5 डिग्री फारेनहाइट फीवर हो गया।
जिसके बाद वह 26 फरवरी को डॉक्टर के पास गए और तीन तक दवाई लीं। रोहित ने बताया कि 28 फरवरी को उनको बुखार कम हुआ।
रोहित ने बताया कि बुखार कम हुआ लेकिन डॉक्टर ने राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल जाने की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह पर वह 29 फरवरी को RML हॉस्पिटल पहुंचे।
फॉर्म भरा जिसमें बुखार को टिक किया। फॉर्म देखने के बाद डॉक्टर ने उनको भर्ती कर लिया। लेकिन अगले दिन यानी एक मार्च को जांच रिपोर्ट में कोरोना वायरस का संक्रमण होने की पुष्टि हुई।
जिसके बाद उनको आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया। रोहित ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में डॉक्टर्स और स्टॉफ बहुत अच्छे से व्यवहार करते थे।
साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता था।
रोहित ने यह भी बताया कि इटली से लौटने के बाद उन्होंने 28 फरवरी को होटल हयात में बेटे की बर्थडे पार्टी दी थी।
इस पार्टी में लगभग 12-13 लोग थे। इस बीच जब उनमे कोविड-19 की पुष्टि हुई तो पूरे परिवार और मेहमानों की कोरोना जांच कराई गई। लेकिन उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई।
इस दौरान रोहित ने आइसोलेशन वार्ड को लेकर फैल रही अफवाओं और भ्रम को भी दूर किया। उन्होंने कहा कि आइसोलेशन वार्ड को कोई काल-कोठरी नहीं है।
यहां सबकुछ सामान्य रहता है, बस केवल आपको किसी से मिलने नहीं दिया जाता।