राजनीति

दिल्ली हिंसा पर अमित शाह का जवाब: दोषी चाहे किसी भी समुदाय या पार्टी के हों, बख्शे नहीं जाएंगे

संसद सत्र ( Parliament session ) के दौरान लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर चर्चा गृह मंत्री अमित शाह ( Amit Shah ) ने विपक्षी सांसदों को दिया जवाब

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गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) ने बुधवार को लोकसभा ( Lok Sabha ) में दिल्ली हिंसा ( Delhi Violence ) में मारे गए लोगों के प्रति दुख प्रकट किया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 25 फरवरी को रात 11 बजे तक दिल्ली में हिंसा की कोई भी घटना नहीं हुई थी। लोकसभा में जवाब देते समय अमित शाह ( Amit Shah ) ने दिल्ली हिंसा में मृत लोगों को श्रद्धांजलि भी दी।

अमित शाह ने कहा कि 27 फरवरी से आज तक 700 से अधिक मुकदमें दर्ज किए है। 2647 लोग हिरासत में लिए गए। सीसीटीवी फुटेज का एनालिसिस कर रहे हैं।

अंकित शर्मा के हत्या का खुलासा जनता की ओर से भेजे गए किसी वीडियो से होगा। उन्होंने कहा कि यूपी से 300 से अधिक लोग दंगा करने आए थे।

यह साबित हो गया है कि दंगा करने की पहले से साजिश थी। कांग्रेस सांसदों ने शाह के जवाब का बहिष्कार किया। शाह से इस्तीफे के नारे लगे।

शाह ने नफरत फैलाने वाले भाषणों का भी जिक्र किया। उन्होंने वारिस खां पठान का नाम लिया और कहा कि वह कहते हैं कि 15 करोड़ हम 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे।

इसके बाद दंगा हो गया। सोशल मीडिया के जमाने में बयान वापस लेने से कुछ नहीं होता। हेट स्पीच असर दिखाती है। दिल्ली हिंसा में 52 भारतीय की मौत हुई है। मैं हिन्दू-मुस्लिम नहीं करने दूंगा।


उन्होंने कहा कि मंदिर व मस्जिद जले हैं, दोनों ही गलत है। कोई भी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं होना चाहिए। दंगे के समय मारे गए लोगों की संख्या 76 फीसदी कांग्रेस शासन में रही है।

इस बीच केन्द्रीय सडक़ व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस सांसदों के व्यवहार पर नाराजगी जताई। फिर शाह ने कहा कि दंगों के दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।

किसी निर्दोष को तकलीफ नहीं होने देंगे।दिल्ली दंगों को फाइनेंस करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया है।

गृह मंत्री ने कहा कि सीएए पर कहा कि धर्म के आधार पर 27 कानून है। सबसे ज्यादा कानून कांग्रेस लेकर आई। मुस्लिम पर्सनल लॉ क्या है।

इस दौरान उन्होंने अधीर रंजन चौधरी को चर्चा में देरी पर जवाब देते हुए कहा कि 25 फरवरी को रात 11 बजे बाद हिंसा की कोई घटना नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि होली के दौरान भावनाएं न फैले, इसलिए होली बाद इस पर चर्चा करने का निर्णय किया गया। यहां के भाषण और मीडिया के चलते फिर से कोई हिंसा नहीं फैले।

शांति बनी रहे, यही मुख्य उद्देश्य है। अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की आबादी 1.70 करोड़ है।

दंगा वाले क्षेत्र की आबादी 20 लाख है। दंगा वाले क्षेत्र में इसको अन्य इलाकों में रोकने के लिए पुलिस ने अच्छा काम किया।
दंगा भडक़ाने का प्रयास सभी जगह हुआ, लेकिन 12 थानों से यह आगे नहीं फैल सकी। दंगों को दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में काबू कर लिया और इसे फैलने से रोक लिया।

शाह ने कहा कि ट्रंप का कार्यक्रम मेरे संसदीय क्षेत्र में पहले से तय था। दंगे से पहले ही वहां चला गया। कुछ ने आरोप लगाया कि मैं ताजमहल गया, लेकिन मैं ताजमहल नहीं गया। ट्रंप के लंच और डीनर में भी नहीं गया।

मैने पूरा समय दिल्ली पुलिस के साथ इस रणनीति पर काम करता रहा कि दंगा रुके और यह फैल नहीं सके।


जब दंगे होते हैं कब किसकी जिम्मेदारी होती है यह नहीं देखते। अजीत डोभाल मेरे आग्रह पर ही दंगाग्रस्त इलाकों में गए।

शाह ने कहा कि दंगे तेजी के साथ फैले 50 से अधिक लोगों की जान गई और हजार करोड़ का नुकसान हो गया।

दंगा वाला इलाका संकरी गलियां और घनी आबादी वाला है। यहां दोनों समुदाय की मिली जुली आबादी है। यह यूपी से सटा हुआ इलाका है।

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Updated on:
12 Mar 2020 09:26 am
Published on:
11 Mar 2020 07:00 pm
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