राजनीति

मोदी राज में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों से बढ़ी जनता की परेशानी

पत्रिका डिजिटल द्वारा कराए गए ऑनलाइन सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि जनता बीते चार साल में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से परेशान हुई है।

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मोदी सरकार के चार साल

नई दिल्‍ली। 'अच्‍छे दिन आएंगे' के नारे को पीएम मोदी ने देश के कोने-कोने तक पहुंचाया और वर्ष 2014 में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पीएम बने। देश के पीएम के रूप में उनको चार साल हो गए हैं। पत्रिका डिजिटल द्वारा कराए गए ऑनलाइन सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि जनता बीते चार साल में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से परेशान हुई है। यह प्रतिक्रिया क्‍या प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी लोकप्रियता बढ़ी है, सवाल के जवाब के रूप में सामने आई।

जहां तक बात इन चार सालों में भारतियों की जिंदगी में सुधार की है तो इसके लिए पीएम मोदी ने कई कदम उठाए। इनमें प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा कवच योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, उज्‍जलवा योजना, अटल पेंशन योजना, नोटबंदी, जीएसटी, मुद्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं। इनमें से नोटबंदी, जीएसटी, पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी सहित कृषि नीतियों की वजह से लोग काफी नाराज हैं। 2017 में किसान आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया था। यह स्थिति इसलिए उत्‍पन्‍न हुई क्‍योंकि इन योजनाओं से जनता के ऊपर सीधा असर पड़ा। यही कारण है कि लोग अब उनसे हिसाब मांगने लगे हैं।

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पत्रिका डिजिटल द्वारा कराए गए ऑनलाइन सर्वेक्षण में देश भर से भारी संख्‍या में लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इनमें जीतू भांबू ने लिखा है कि 2014 में जब डीजल पेट्रोल सस्ता था तो पीएम इसे अपनी अच्छी किस्मत बता रहे थे। इसका मतलब अब ये हुआ कि डीजल पेट्रोल के रेट अब बढ़ रहे हैं तो उनकी किस्‍मत खराब हो, जुमलेबाज की किस्मत खराब हो चुकी है, लेकिन इस बात की चर्चा वो कभी नहीं करते।

एक अन्‍य ऑनलाइन पाठक रमेश प्रजापति का कहना है कि यह बात सही है कि पहले प्रधानमंत्री काफी लोकप्रिय हुए थे लेकिन जब से जीएसटी लगाई है और लोगों का कारोबार मंदा हुआ है तब से हर आदमी कारोबार और रोजगार को लेकर परेशान है। तब से अब तक प्रधानमंत्री जी की लोकप्रियता में काफी कमी आई है।

अजय कुमार यादव ने लिखा है कि इधर एक साल से उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई है। अब इस समय बहुत तेजी से घट रही है। निलेष सोनू पाटीदार का कहना है कि पेट्रोल के बढ़ते दामों से लोग बहुत दुखी हैं। वहीं विलास खेनोरकर का कहना है कि केवल अच्छी बातें करने से उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। बाकी ऐसा कोई भी काम उन्‍होंने नहीं किया जिसे अच्‍छा कहा जा सके।

आर रंजन का कहना है कि यह सही बात है कि मोदी जी जबसे प्रधानमंत्री बने हैं तब से उनकी लोकप्रियता और ज्‍यादा बढ़ी है। पीएम बनने के बाद विदेशों में घूमने का उनका सपना सच हुआ। नहीं तो, पीएम बनने से पहले अमरीका उन्‍हें वीजा देने के लिए भी राजी नहीं था।

सतीश भारद्वाज का मत है कि मोदी जी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है! लेकिन कुछ गांधी परिवार के लोगों को लगता है कि यह बात हजम नहीं हो रही है क्योंकि सारी जिंदगी उन्होंने गांधी परिवार की भक्ति की है।

हालांकि अगर इस ऑनलाइन सर्वेक्षण प्रश्न पर मिलीं प्रतिक्रियाओं पर नजर दौड़ाएं, तो पता चलेगा कि काफी यूजर्स ने उनकी लोकप्रियता बढ़ने की बात मानी है। जबकि भारी तादाद ऐसे यूजर्स की भी है जो यह मानते हैं कि बीते चार सालों में जिस तरह पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं, उसी हिसाब से पीएम मोदी की लोकप्रियता भी बढ़ी है। यहां यह बताना भी जरूरी है कि सर्वेक्षण में पीएम मोदी की जुमलेबाजी, विदेश यात्रा आदि को लेकर भी यूजर्स ने जमकर कटाक्ष किए हैं।

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Published on:
22 May 2018 04:14 pm
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