
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ( Congress Leader Rahul Gandhi ) ने शुक्रवार को एक बार फिर लद्दाख ( Ladakh ) में चीनी सेना ( Chinese army ) के साथ झड़प के मुद्दे पर सरकार ( Central Government ) को घेरा। उन्होंने कहा कि चीन ( China ) ने इस बार हमारी धरती पर घुसपैठ ( Infiltration ) के लिए यह समय इसलिए चुना, क्योंकि पड़ोसी देशों के साथ भारत की विदेश नीति ( India's Foreign Policy ), आर्थिक संबंध अच्छे नहीं हैं। राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने अपने सीरीज के पहले वीडियो में इस समय देश की धरती पर चीन के घुसपैठ ( China's intrusion ) करने के कारणों की विस्तार से व्याख्या की है।
वह लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ संघर्ष में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के हालात पर चीन से निपटने के सरकार के तौर-तरीके आलोचना करते आ रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया है कि चीन ने भारत में हमारी जमीन पर कब्जा या फिर घुसपैठ नहीं किया है।
राहुल गांधी ने कहा कि सवाल यह है कि चीन ने इस आखिर इस कदम के लिए यह समय क्यों चुना। क्या यह भारत की ऐसी स्थिति है, जिस वजह से चीन ने इतना आक्रामक रवैया अपनाया। क्या इस समय ने उन्हें इस बात का आत्मविश्वास दिया कि वे भारत जैसे देश के खिलाफ ऐसा कदम उठा सकते है? केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा कि इसे समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश सिर्फ एक खास तरीके से सुरक्षित नहीं रहता, बल्कि विदेश संबंध, पड़ोसी बंधुता, अर्थव्यवस्था और लोगों के दृष्टिकोण से सुरक्षित रहता है।
उन्होंने कहा कि बीते छह सालों में इन क्षेत्रों में भारत परेशान और नाकाम रहा है। और मैं इन सभी पर बात करूंगा। भारत की विदेश नीति के बारे में कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारा बाहर की दुनिया में कई देशों के साथ संबंध रहा है। हमारा अमेरिका के साथ संबंध था। अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी है, मैं कहूंगा और यह काफी महत्वपूर्ण है। हमारा यूरोप और रूस के साथ संबंध था।
उन्होंने कहा, "आज हमारा रिश्ता लेन-देन का बन गया है। हमारा अमेरिका के साथ लेन-देन वाला रिश्ता है। हमारा रूस के साथ अशांत रिश्ता है। अब भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर आते हैं, पहले नेपाल, भूटान और श्रीलंका हमारे दोस्त हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को छोड़ पड़ासियों के साथ हमारे अच्छे संबंध थे और वे खुद को भारत के साझेदार के तौर पर देखते थे। आज नेपाल भारत से नाराज है, आप नेपाल जाइए और नेपाली लोगों से बातचीत कीजिए, आपको पता चलेगा कि जो हो रहा है, उससे वे क्षुब्ध हैं। श्रीलंका ने अपना बंदरगाह चीन को दे दिया है। मालदीव परेशान है, भूटान परेशान है। हमने अपने विदेशी दोस्तों और पड़ोसियों को नाराज कर दिया है।"
भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में, राहुल गांधी ने कहा, "यह हमारा गर्व था जिसके बारे में हम बात करते थे। आज 50 वर्षो में सबसे खराब आर्थिक वृद्धि है। 40-50 वर्षो में बेरोजगारी दर अपने ऊंचे स्तर पर है। हमारी मजबूती अचानक हमारी कमजोरी बन गई।