
Atiq Ahmed Son Abaan Ahmed Funeral Update: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी में सड़क हादसे में मौत के बाद उसकी जिंदगी से जुड़ी पुरानी कहानियां फिर से चर्चा में आ गई हैं। अबान झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। अबान की मौत के बाद लोग उस भावुक किस्से को भी याद कर रहे हैं जब वह अपने पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ के जनाजे में शामिल नहीं हो सका था। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि उसे 221 दिन बाद अपने पिता की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़नी पड़ी थी।
24 फरवरी, 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस मामले के बाद पुलिस ने अतीक अहमद और उसके परिवार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। पुलिस कार्रवाई तेज होने पर अतीक के दो नाबालिग बेटे अहजम और अबान घर में अकेले रह गए। सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने दोनों भाइयों को प्रयागराज के राजरूपपुर स्थित बाल संरक्षण गृह भेज दिया। यहीं से उनकी दुनिया उस बाल गृह की चारदीवारी तक सीमित होकर रह गई।
बाल संरक्षण गृह में रहने के दौरान ही उनके परिवार पर एक के बाद एक कई मुसीबतें आईं। 13 अप्रैल, 2023 को यूपी एसटीएफ ने अतीक के बेटे असद को झांसी में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। इसके ठीक दो दिन बाद 15 अप्रैल की रात प्रयागराज में पुलिस हिरासत के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस वक्त पूरा देश इस घटना को देख रहा था लेकिन अतीक के दोनों छोटे बेटे बाल संरक्षण गृह में बंद थे।
अतीक और अशरफ की हत्या के समय अबान और उसका भाई अहजम नाबालिग थे। वे बाल कल्याण समिति की कड़ी निगरानी में बाल संरक्षण गृह में रह रहे थे। कानूनी वजहों से उन्हें बाहर जाने या अंतिम संस्कार में शामिल होने का कोई भी आधिकारिक आदेश नहीं मिल पाया। इसी वजह से दोनों भाई अपने पिता और चाचा के आखिरी सफर में शामिल नहीं हो सके। वे न तो जनाजे में जा सके और न ही आखिरी बार उनका चेहरा देख पाए।
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद भी दोनों भाई बाल संरक्षण गृह में ही रहे। करीब 221 दिन बाद 10 अक्टूबर, 2023 को बाल कल्याण समिति के आदेश पर दोनों को उनकी बुआ परवीन कुरैशी की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। इसके बाद दोनों बाल संरक्षण गृह से बाहर आए।
बाल संरक्षण गृह से निकलने के बाद अबान और अहजम सीधे कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंचे। वहां पहुंचकर दोनों ने अपने पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की कब्र पर फातिहा पढ़ी। जिस जनाजे में वे शामिल नहीं हो सके थे, उसी कब्र पर 221 दिन बाद पहुंचना दोनों भाइयों के लिए बेहद भावुक पल माना गया।
बुआ की कस्टडी में जाने के बाद अबान लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहा। साल 2025 में वह तब नजर आया था जब वह नैनी सेंट्रल जेल में अपने भाई अली से मिलने पहुंचा। इसके कुछ समय बाद एक शादी समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस वीडियो में आपत्तिजनक डायलॉग का इस्तेमाल करने पर प्रयागराज के धूमनगंज थाने में अबान और उसके दोस्त हमजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।