
Prayagraj Flood Situation: प्रयागराज में गंगा और यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। हजारों घरों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बाढ़ की स्थिति को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रयागराज में विकास के नाम पर खर्च किए गए पैसों पर सवाल उठाते हुए सरकार को सड़क पर उतरकर जनता का सामना करने की चुनौती दी। अखिलेश ने कहा कि सिर्फ बाढ़ का सर्वे करने से काम नहीं चलेगा।
प्रयागराज में गंगा और यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कई इलाकों में पानी भर गया है और हजारों घर प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ा है। इसी को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रयागराज में विकास के नाम पर खर्च किए गए पैसों को लेकर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने लिखा कि ये है प्रयागराज के गंभीर हालात, कोई और हो तो 1 लाख करोड़ प्रयागराज के विकास के नाम पर डकार जाने के बाद, वहां के हजारों घरों का ये जलमग्न हाल देखकर शर्मिंदगी से सत्ता ही छोड़ दे। जनाब नाम बदलने से कुछ नहीं होता, बदलिए तो आप अपना भ्रष्ट काम और नीयत लेकिन अब वो भी नहीं बदलेगी, इसीलिए अब उत्तर प्रदेश और देश की जनता भाजपा सरकार ही हमेशा के लिए बदल देगी। भाजपा जाएगी फिर कभी नहीं आएगी।
सपा अध्यक्ष ने बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि सिर्फ सर्वे करने से लोगों की परेशानी दूर नहीं होगी। उन्होंने सरकार को जनता के बीच जाकर हालात देखने की चुनौती दी। अखिलेश यादव ने कहा कि बाढ़ के हवा-हवाई सर्वे से काम नहीं चलेगा अगर हिम्मत है तो सड़कों पर उतरकर जनता का सामना कीजिए। आपने जो 7-8 हजार करोड़ लिखा-पढ़ी में और जो बीसों हजार करोड़ बिना लिखा-पढ़ी के अपने छवि निर्माण में, अपने को दिव्य दिखाने के लिए द्रव्य के रूप में बहाये हैं, उनसे आपकी कितनी छवि बनी है, उसका सच आपको पता चल जाएगा।
उत्तर भारत में मानसून सक्रिय होने के कारण गंगा-यमुना समेत कई नदियों में पानी बढ़ा हुआ है। इसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। प्रयागराज में भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई घरों में पानी पहुंच चुका है। अखिलेश यादव ने इसी स्थिति को आधार बनाकर सरकार के विकास और व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जनता को सिर्फ दावों और सर्वे की नहीं, बल्कि जमीन पर राहत और बेहतर व्यवस्था की जरूरत है।