Prayagraj News: प्रयागराज में इंसानियत शर्मसार। 8 साल की मासूम भतीजी को नाबालिग चाचा और चचेरी दादी ने मिलकर उतारा मौत के घाट, वजह जानकर कांप उठेगी रूह। जानें पूरा मामला...
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। यहां के व्योहरा गांव में एक 8 साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस हत्या का आरोप किसी बाहरी पर नहीं, बल्कि बच्ची के अपने ही 16 साल के चचेरे चाचा और चचेरी दादी पर लगा है। दोनों ने मिलकर बच्ची को मौत के घाट उतार दिया और उसकी लाश को घर के अंदर भूसे वाले कमरे में छिपा दिया। पुलिस ने इस मामले में परिवार के 5 लोगों को पकड़ लिया है, जबकि मुख्य आरोपी नाबालिग चाचा अभी फरार है।
मृतक बच्ची की पहचान 8 वर्षीय जान्हवी के रूप में हुई है, जो कक्षा 2 की छात्रा थी। उसके पिता सुनील कुमार चौधरी पेशे से राजमिस्त्री हैं और मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। सोमवार की शाम करीब 6 बजे जान्हवी हमेशा की तरह अपने घर के बाहर खेल रही थी, लेकिन तभी वह अचानक कहीं गायब हो गई। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो घरवालों ने परेशान होकर उसे पूरे गांव में ढूंढा, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला।
रात के करीब 12 बजे अचानक पड़ोस में रहने वाले चचेरे दादा का बड़ा बेटा करन, जान्हवी के माता-पिता के पास पहुंचा। उसने बताया कि जान्हवी की लाश उनके घर के अंदर भूसे वाले कमरे में पड़ी है। यह सुनते ही जब रोते-बिलखते माता-पिता वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें घर के अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद तुरंत पुलिस को फोन किया गया।
जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो आरोपियों ने पुलिस को भी गुमराह करने और रोकने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो वे पीछे हट गए। अंदर जाकर देखा तो जान्हवी की लाश खून से लथपथ भूसे के ऊपर पड़ी थी। यह खौफनाक मंजर देखकर मासूम की मां मौके पर ही बेहोश हो गई।
पुलिस ने जब चचेरी दादी गीता देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने जो सच बताया वह बेहद चौंकाने वाला था। आरोपी महिला ने कुबूला कि उसका 16 साल का छोटा बेटा (नाबालिग चाचा) जान्हवी को बहला-फुसलाकर अपने घर के भूसे वाले कमरे में ले गया था। वहां वह उसे मोबाइल परआपत्तिजनक वीडियो दिखा रहा था। इसी बीच आरोपी लड़का की मां भी वहां पहुंच गई। अब दोनों को यह डर सताने लगा कि यह छोटी बच्ची कहीं यह बात अपने माता-पिता या गांव वालों को न बता दे। बस इसी बात का राज छिपने के लिए दोनों ने मिलकर बच्ची को जान से मारने का फैसला कर लिया। उन्होंने हंसिया से पहले बच्ची का गला रेता और फिर उसके पेट और सीने पर ताबड़तोड़ 8 वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जान्हवी की मां इंदु ने रोते हुए बताया कि आरोपी चाचा अक्सर उनकी बेटी को अपने साथ ले जाता था और प्यार से खाना खिलाता था, इसलिए किसी को भनक तक नहीं थी कि उसके दिमाग में इतनी बड़ी हैवानियत चल रही है। वहीं जान्हवी की दादी पूनम ने रोते हुए इंसाफ की मांग की और कहा कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर भी मेरी बच्ची को मार दिया। जिस तरह मेरी मासूम बच्ची तड़प-तड़प कर मरी है, इन हत्यारों को भी वैसी ही कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची के चचेरे दादा मन्नीलाल, चचेरी दादी गीता देवी, उनके दो बेटों करन और शुभम और एक अन्य पड़ोसी श्याम बाबू को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी नाबालिग चाचा अभी भागा हुआ है, उसे पकड़ने के लिए जगह-जगह छापे मारे जा रहे हैं और जल्द ही वह पुलिस की गिरफ्त में होगा।