Government officer SDM Arrested: फर्जीवाड़ा के आरोपी एसडीओ को चक्रधर नगर पुलिस ने पकड़ा
रायगढ़ . संशोधित स्थानांतरण आदेश में कुटरचना करते हुए विभाग के साथ धोखाधड़ी करने वाले पीएचई के एसडीओ को चक्रधर नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब साल भर से उक्त आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 में पीएचई के एसडीओ व अन्य का स्थानांतरण आदेश जारी हुआ। प्रदेश के 70 एसडीओ की स्थानांतरण सूची में कांशीराम तांडे का नाम भी शामिल था जिसका स्थानांतरण सुकमा किया गया था। उक्त स्थानांतरण आदेश के कुछ दिन बाद मंत्रालय से एक संशोधित स्थानांतरण आदेश जारी हुआ। इसमें प्रदेश के छह एसडीओ का नाम था।
उक्त छह में कांशीराम तांडे का नाम शामिल नहीं था। संशोधित स्थानांतरण आदेश के 7वें नंबर में कांशीराम तांडे ने कम्प्यूटर से अपना नाम दर्ज कराते हुए प्रिंट निकाल लिया और इसे विभाग में पेश कर दिया और फिर रायगढ़ में ही रहकर काम करने लगा। बाद में जब निर्धारित समय में सुकमा में कांशीराम तांडे ज्वाइनिंग नहीं किया तो मंत्रालय में इसकी शिकायत हुई जिसके आधार पर जांच शुरू हुआ। मंत्रालय से जब जांच किया गया तो उक्त एसडीओ के इस कारामात का खुलासा हुआ।
इसके आधार पर विभाग ने वर्ष 2018 में जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का आवेदन किया था। इस मामले में चक्रधर नगर पुलिस ने जुलाई 2018 में तत्कालीन एसडीओ कांशीराम तांडे के खिलाफ 468, 471, 420 के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद से वह फरार हो गया। काफी मशक्कत के बाद उक्त एसडीओ को चक्रधर नगर पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
इस तरह हुआ था पूरे मामले का खुलासा
पीएचई के तत्कालीन एसडीओ कांशीराम तांडे ने जब स्थानांतरण के बाद सुकमा में ज्वाइर्निंंग नहीं लिया तो वहीं जिसका रायगढ़ स्थानांतरण हुआ था वह रायगढ़ आकर ज्वाइनिंग कर लिया। जब एक जगह दो-दो एसडीओ और एक जगह खाली होने की बात हुई, तब इस मामले से पर्दा उठने लगा था। इसके बाद जांच में पूरा मामला सामने आ गया और आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।
संशोधित स्थानांतरण आदेश में अपना नमा जोड़कर विभाग को गुमराह करने का मामला था। मंत्रालय से आए जांच आदेश के आधार पर इसमें पीएचई के तत्कालीन एसडीओ के खिलाफ ठगी का अपराध दर्ज किया गया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
युवराज तिवारी, टीआई, चक्रधरनगर
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