
Fraud Case: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यवसायी ने अपनी पत्नी, ससुर और साले पर आर्थिक धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना और षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
पीड़ित पिंगल कुमार बघेल ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सीमा बघेल ने अपने पिता भरत लाल यादव और भाई कृष्ण कुमार यादव के साथ मिलकर लाखों रुपये की हेराफेरी की। साथ ही संपत्तियों को अपने नाम कराने के लिए लगातार दबाव बनाया गया।
जानकारी के मुताबिक, घरघोड़ा के वार्ड क्रमांक-5 छाल रोड निवासी पिंगल कुमार बघेल ने अप्रैल माह में एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ को सौंपी गई। पिंगल ने अपने बयान में बताया कि वह फैब्रिकेशन और सेंट्रिंग कार्य का व्यवसाय करता है। उसकी शादी वर्ष 2008 में कोरबा स्थित आर्य समाज मंदिर में सीमा बघेल निवासी पैलपारा सारंगढ़ के साथ प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। शादी के शुरुआती वर्षों में सबकुछ सामान्य था। वर्ष 2010 में बेटी के जन्म के बाद ससुराल पक्ष के लोगों का घर आना-जाना बढ़ गया। इसी दौरान ससुर भरत लाल यादव और साला कृष्ण कुमार यादव ने पारिवारिक और आर्थिक मामलों में हस्तक्षेप शुरू कर दिया।
पिंगल ने पुलिस को बताया कि व्यवसाय संचालन के लिए उसने कई बार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और श्रीराम फाइनेंस से ऋण लिया था। व्यवसाय से होने वाली रोजाना की आमदनी वह अपनी पत्नी सीमा बघेल को सौंप देता था, लेकिन किसी प्रकार का लिखित हिसाब नहीं रखा जाता था। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उसकी पत्नी घर की अलमारी में रखे नकद रुपये निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को देती रही।
जब पिंगल को पैसों की गड़बड़ी का संदेह हुआ, तब उसने घर में CCTV कैमरे लगवाए। जांच के दौरान उसे पता चला कि चोरी किए गए रुपये कृष्ण कुमार यादव अपने भारतीय स्टेट बैंक खाते में जमा कर रहा था।पिंगल ने जब बैंक स्टेटमेंट मांगा तो आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में CCTV फुटेज दिखाने पर ससुर भरत लाल यादव ने बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराया, जिसमें करीब 22 लाख 63 हजार रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई।
पीड़ित के अनुसार जब उसने रुपये वापस मांगे, तब पत्नी, ससुर और साले ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उसकी पत्नी सीमा बघेल आत्महत्या करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगी। पिंगल ने बताया कि लगातार विवाद और धमकियों के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगा।
पिंगल ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में वह ग्राम कुंजेमुरा में 30 डिसमिल जमीन खरीदना चाहता था। इस दौरान उसकी पत्नी ने जमीन अपने नाम से खरीदने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर कथित तौर पर कीटनाशक दवा मंगवाकर आत्महत्या की धमकी दी गई, जिसके बाद मजबूरी में पिंगल ने जमीन की रजिस्ट्री पत्नी सीमा बघेल के नाम करा दी।
पीड़ित के मुताबिक, उक्त जमीन पर उसने बैंक ऋण और अपनी जमा पूंजी से दो मंजिला शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनवाया। इस निर्माण में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 9.50 लाख रुपये और श्रीराम फाइनेंस से 19 लाख रुपये का लोन लिया गया था। अब यह जमीन एक औद्योगिक कंपनी के अधिग्रहण क्षेत्र में आ रही है, जिसके बदले लगभग 8 से 9 करोड़ रुपये तक मुआवजा मिलने की संभावना है। आरोप है कि इसी लालच में पत्नी और ससुराल पक्ष ने अन्य संपत्तियों को भी अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पिंगल का आरोप है कि जब उसने अपनी संपत्तियां उनके नाम करने से इनकार किया, तब उसकी पत्नी ने थाना में झूठी शिकायत दर्ज कराई। इससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच में शिकायत को सही पाए जाने के बाद पुलिस ने सीमा बघेल, कृष्ण कुमार यादव और भरत लाल यादव के खिलाफ अपराध दर्ज किया।
घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 303(2), 316(2), 318(4), 49 और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।