रायपुर

भारत नेट की रफ्तार सुस्त, छत्तीसगढ़ की 1,934 ग्राम पंचायतें अब भी हाई-स्पीड इंटरनेट से वंचित

Chhattisgarh BharatNet: 11,693 ग्राम पंचायतों में से 1,934 अब भी हाई-स्पीड इंटरनेट से वंचित हैं। भारत नेट परियोजना की धीमी रफ्तार के कारण ई-ऑफिस, डिजिटल पंचायत और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का विस्तार प्रभावित हो रहा है।
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Jul 27, 2026
BharatNet Project
छत्तीसगढ़ में भारत नेट की रफ्तार सुस्त IPHoto Patrika)

BharatNet Project Chhattisgarh: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारत नेट परियोजना का उद्देश्य देश की हर ग्राम पंचायत तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो सके। लेकिन राज्य में यह लक्ष्य अब तक पूरी तरह हासिल नहीं हो पाया है। राज्य में लगभग 11,693 ग्राम पंचायतें, 146 जनपद पंचायतें और 33 जिला पंचायतें हैं, जिनमें से कई पंचायतें अभी भी बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी का इंतजार कर रही हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में 11,693 ग्राम पंचायतें हैं। केंद्र सरकार के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार इनमें से 9,759 ग्राम पंचायतों में भारतनेट के तहत हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध है। इसका मतलब है कि करीब 1,934 ग्राम पंचायतों तक अभी भारत नेट पूरी तरह नहीं पहुंचा है या सेवा शुरू नहीं हो सकी है।

ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ने काम

बता दें कि राज्य सरकार पंचायतों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है, जिससे फाइलों का संचालन, योजनाओं की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ऑनलाइन हो सकें। लेकिन कई पंचायतों में इंटरनेट की धीमी गति या बार-बार नेटवर्क बाधित होने से यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रही है।

दो सौ से अधिक पंचायत भवनों का निर्माण पूरा नहीं

जानकारी के अनुसार 200 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। कई पंचायतें किराए के भवनों या अस्थायी परिसरों से संचालित हो रही हैं। ऐसे में डिजिटल उपकरणों की स्थापना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारण और नागरिक सेवाओं के संचालन में कठिनाइयां आ रही हैं।

ई-गर्वेंनेंस का लक्ष्य अधूरा

भारत नेट का उद्देश्य केवल इंटरनेट पहुंचाना नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र, मनरेगा भुगतान, जन्म-मृत्यु पंजीयन, पेंशन, संपत्ति कर, ग्राम सभा रिकॉर्ड, जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास योजना) और अन्य सरकारी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हर पंचायत में मजबूत इंटरनेट और पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं होगा, तब तक ई-गवर्नेंस का लक्ष्य अधूरा रहेगा।

तो बढ़ेगी पंचायत स्तर पर पारदर्शिता

ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यदि भारत नेट परियोजना, पंचायत भवन निर्माण और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता में तेजी लाई जाती है, तो पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी, योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी और ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। फिलहाल, डिजिटल पंचायत का सपना जमीन पर कई चुनौतियों से जूझता नजर आ रहा है।

Updated on:
27 Jul 2026 01:15 pm
Published on:
27 Jul 2026 01:14 pm