रायपुर

अंतागढ़ चुनाव कांड के पीछे है रमन, मूणत, अजीत और अमित जोगी का हाथ, 7.5 करोड़ का था डील, मंतूराम ने कोर्ट में दर्ज कराया बयान

साढ़े सात करोड़ में रचा गया था चुनाव कांड (Antagarh Tape Case) खेल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत के बंगले में हुई थी रकम की लेन देन।
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Updated: 7 Sep 2019, 9:19 PM IST
अंतागढ़ चुनाव कांड के पीछे है रमन, मूणत, अजीत और अमित जोगी का हाथ, 7.5 करोड़ का था डील, मंतूराम ने कोर्ट में दर्ज कराया बयान
अंतागढ़ चुनाव कांड के पीछे है रमन, मूणत, अजीत और अमित जोगी का हाथ, 7.5 करोड़ का था डील, मंतूराम ने कोर्ट में दर्ज कराया बयान

रायपुर।कांग्रेस पार्टी सरकार में आते ही एक दो मुद्दे पर सीधा वॉर करना शुरू कर दी थी। बहुचर्चित सीडी कांड में शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्या आरोपी मंतूराम पवार ने आज मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 में बयान दर्ज कराते हुए पूर्व मुख्यमंत्री (Dr. Raman Singh) डा. रमन सिंह, प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत (Rajesh Munat) और पूर्व विधायक अमित जोगी (Amit Jogi) पर गंभीर आरोप लगाएं हैं।

अंतागढ़ उपचुनाव स्कैंडल में छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिला देने वाली खबर आई है दरअसल आज मंतूराम पवार ने मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 में बयान दर्ज कराते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री (Ajit Jogi) अजीत जोगी, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व विधायक अमित जोगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पूरी डील साढ़े सात करोड़ की हुई थी। मंतूराम ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उस पर प्रेशर डालकर यह डील की गई।

शर्मिंदगी जताते हुए मंतुराम ने कोर्ट में यह बयान दर्ज कराया है कि, अंतागढ़ टेप कांड में साढ़े सात करोड़ रुपए की डील हुई थी, और यह डील मंत्री राजेश मूणत के बंगले पर हुई थी।कथित रुप से इस बयान में मंतुराम पवार ने यह दावा भी किया है कि, इस पूरे मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री (EX- CM Raman Singh) डॉ रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी,तत्कालीन विधायक अमित जोगी शामिल थे।और यह सब प्लान के तहत मंत्री राजेश मूणत के बंगले पर रकम की लेन देन की गई थी।

क्या था पूरा मामला
विदित हो कि अंतागढ़ में उपचुनाव था और कांग्रेस (Congress) की ओर से मंतुराम पवार प्रत्याशी थे, जिन्होंने एन वक्त पर नाम वापस ले लिया था। तत्कालीन पीसीसी चीफ और वर्त्तमान प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर यह राजनैतिक हमला माना गया। इस पूरे प्रकरण को लेकर एक सीडी वायरल हुई जिसमें कथित तौर पर अमित जोगी, अजित जोगी, डॉ पुनीत गुप्ता, मेनन और फिरोज सिद्दकी की आवाज़ें थी।

पूर्व महापौर ने दर्ज कराया शिकायत
आपको बता दें कांग्रेस शासनकाल आते ही इस मसले को लेकर एसआईटी (SIT) गठित की गई और फिर पंडरी थाने में अपराध दर्ज किया गया था।पूर्व महापौर किरणमयी नायक ने मामले की शिकायत पंडरी थाने में दर्ज कराई थी जबकि मुख्य आरोपी के रुप में मंतूराम पवार, अजित जोगी, अमित जोगी (Ajit Jogi) और डॉ पुनीत गुप्ता (Dr. Punit Gupta) के नाम दर्ज है। ऐसे ही झीरम कांड को लेकर जांच चल रही हैं जिसमे केंद्र और राज्य सरकार के बीच कुछ अटकले फस रहे हैं।

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7 Sep 2019, 9:19 PM IST
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