
Bastar Railway Connectivity: छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर को दुर्ग और रायपुर से सीधे जोड़ने के लिए दंतेवाड़ा-बारसूर-नारायणपुर रेल लाइन की मांग फिर तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रस्तावित रेल मार्ग बनने से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और यात्रा में समय व ईंधन की बचत हो सकती है। नई रेल लाइन से किरंदुल और दुर्ग के बीच की दूरी भी कम होने की संभावना है। इससे दक्षिण बस्तर के लोगों को प्रमुख शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही व्यापार, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान रेल मार्ग से किरंदुल और दुर्ग के बीच की दूरी करीब 454 किलोमीटर बताई जाती है। प्रस्तावित नई रेल लाइन बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 287 किलोमीटर रह सकती है। यानी करीब 167 किलोमीटर की दूरी कम होने की संभावना है। इससे दक्षिण बस्तर के लोगों को दुर्ग और रायपुर जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।
दंतेवाड़ा से नारायणपुर के बीच करीब 124 किलोमीटर लंबी रेल लाइन प्रस्तावित बताई जा रही है। इस परियोजना से दक्षिण बस्तर के कई दुर्गम क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेल सुविधा मिलने से लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कामों के लिए बड़े शहरों तक पहुंचने में आसानी होगी।
रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से स्थानीय उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाना आसान हो सकता है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था दक्षिण बस्तर के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।
दंतेवाड़ा, बारसूर और अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएं हैं। रेल कनेक्टिविटी मिलने से इन इलाकों तक पर्यटकों की पहुंच आसान हो सकती है। इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार के साथ होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
दक्षिण बस्तर में लंबे समय से बेहतर परिवहन सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल नेटवर्क का विस्तार क्षेत्र को प्रमुख शहरों से जोड़ने के साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे सकता है। दंतेवाड़ा-बारसूर-नारायणपुर रेल लाइन को लेकर अब लोगों की नजर इस प्रस्तावित परियोजना पर आगे होने वाली कार्रवाई पर है।