रायपुर

राइस मिलों में बिक रहा गरीबों का हक! सरकारी चावल की तस्करी पर बड़ा खुलासा, कैमरे में कैद हुई सप्लाई

CG Ration Rice Scam: रायपुर में सरकारी राशन का चावल राइस मिलों में बेचे जाने और अफसर-दुकानदारों की मिलीभगत के आरोप सामने आए हैं।
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Aug 10, 2026
CG Ration Rice Scam
CG Ration Rice Scam: राइस मिलों में बिक रहा गरीबों का हक(photo-patrika)

CG Ration Rice Scam: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को मिलने वाले सरकारी चावल की कथित तस्करी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि राशन दुकानों से हितग्राहियों को वितरित किए जाने वाले चावल का एक हिस्सा राइस मिलों में अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। इस पूरे खेल में राशन दुकान संचालकों के साथ कुछ अधिकारियों की मिलीभगत होने की भी बात सामने आ रही है। सबसे गंभीर आरोप विधानसभा क्षेत्र की कई राइस मिलों पर लगे हैं, जहां सरकारी चावल पहुंचाए जाने का दावा किया जा रहा है।

Government Rice Smuggling: राइस मिल तक पहुंचा सरकारी चावल, कैमरे में कैद हुआ वाहन

जानकारी के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र में एक मालवाहक वाहन सरकारी चावल लेकर राइस मिल की ओर जाता हुआ कैमरे में कैद हुआ। वाहन चालक ने पूछताछ में बताया कि चावल लाखेनगर क्षेत्र की एक राशन दुकान से लाया गया था। इससे सरकारी अनाज की सप्लाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

रोजाना कई चक्कर लगा रहे मालवाहक

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, छोटे मालवाहकों से लेकर बड़े ट्रकों तक के जरिए रोजाना कई बार सरकारी चावल अलग-अलग राइस मिलों तक पहुंचाया जाता है। कुछ दिन पहले नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम से निकला एक ट्रक भी विधानसभा क्षेत्र की एक राइस मिल तक पहुंचते हुए पकड़ा गया था। हालांकि, उस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।

गुणवत्ता पर सवाल, नहीं होती नियमित जांच

हितग्राहियों को मिलने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। कई लोग निम्न गुणवत्ता के कारण चावल लेने से इनकार कर देते हैं। आरोप है कि कुछ राशन दुकान संचालक ऐसे हितग्राहियों को नकद राशि देकर उनका चावल अपने पास रख लेते हैं और बाद में उसे अधिक कीमत पर राइस मिलों में बेच देते हैं।

राजधानी में सक्रिय है बड़ा नेटवर्क

सूत्रों का दावा है कि राजधानी में सरकारी चावल की तस्करी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। गुढ़ियारी, खमतराई, भाठागांव और राजेंद्र नगर समेत कई इलाकों में इस कारोबार से जुड़े लोगों की गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं। बताया जा रहा है कि रोजाना कई ट्रकों के माध्यम से सरकारी चावल की आवाजाही होती है।

खाद्य विभाग की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

लगातार सामने आ रहे मामलों के बावजूद खाद्य विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि राइस मिलों का नियमित निरीक्षण नहीं होता और न ही औचक जांच की जाती है। इससे सरकारी अनाज की तस्करी पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

क्या बोले खाद्य नियंत्रक?

रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि सरकारी चावल की हेराफेरी की जानकारी मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि राशन दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर कई संचालकों के खिलाफ पहले भी एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में भी शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

Updated on:
10 Aug 2026 09:53 am
Published on:
10 Aug 2026 09:52 am