रायपुर

New Boarding School: छत्तीसगढ़ को मिलेगा पहला इंटरनेशनल सरकारी बोर्डिंग स्कूल, विदेशी छात्रों को भी मिलेगा प्रवेश

Boarding School International: सरकारी इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल नवा रायपुर में नवंबर तक तैयार हो सकता है। 54 करोड़ की लागत से बन रहे इस हाईटेक कैंपस में आधुनिक सुविधाओं के साथ विदेशी छात्रों को भी प्रवेश देने की तैयारी है।
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Aug 03, 2026
New Boarding School
छत्तीसगढ़ को मिलेगा पहला इंटरनेशनल सरकारी बोर्डिंग स्कूल (photo AI image)

International School: छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में प्रदेश का सबसे आधुनिक सरकारी आवासीय विद्यालय आकार ले रहा है। सेक्टर-32 में करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सरकारी इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह हाईटेक स्कूल नवंबर 2026 तक तैयार होने की संभावना है।

आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी

इस स्कूल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक शिक्षा, छात्रावास, खेल और अन्य आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। भविष्य में यहां विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि, स्कूल किस शिक्षा बोर्ड से संचालित होगा, शिक्षकों की नियुक्ति कैसे होगी और प्रवेश प्रक्रिया कब शुरू होगी, इस पर सरकार को अभी अंतिम निर्णय लेना बाकी है।

चार साल से चल रहा निर्माण कार्य

इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का निर्माण पिछले करीब चार वर्षों से जारी है। शुरुआत में परियोजना को लेकर तेजी दिखाई गई थी, लेकिन बाद में वित्तीय स्वीकृति में देरी के कारण निर्माण कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। अब अतिरिक्त राशि मिलने के बाद निर्माण ने फिर गति पकड़ी और वर्तमान में अधिकांश ढांचागत कार्य पूरे हो चुके हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि नवंबर तक भवन पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

पहले 2023 में शुरू करने का था दावा

सितंबर 2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि वर्ष 2023 से एक हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल का संचालन शुरू हो जाएगा। लेकिन निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। सरकार बदलने के बाद कुछ समय तक अतिरिक्त बजट स्वीकृत नहीं होने से निर्माण कार्य धीमा पड़ गया था। बाद में वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद निर्माण फिर शुरू हुआ।

दो चरणों में विकसित हो रही परियोजना

पहले चरण में ये सुविधाएं होंगी

  • आधुनिक अकादमिक भवन
  • अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं
  • प्रशासनिक भवन
  • छात्रावास
  • डाइनिंग हॉल
  • इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
  • स्विमिंग पूल
  • हॉर्स राइडिंग सुविधा
  • बड़े खेल मैदान

दूसरे चरण में होगा निर्माण

  • विशाल ऑडिटोरियम
  • अतिरिक्त छात्रावास
  • अन्य शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं
  • 700 छात्रों की पढ़ाई, 328 के रहने की व्यवस्था

विधानसभा में उठा था मामला

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मानसून सत्र के दौरान इस परियोजना की प्रगति और वित्तीय स्थिति को लेकर प्रश्न पूछा था।
जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि—

  • परियोजना को 5 अक्टूबर 2021 को स्वीकृति मिली।
  • 10 सितंबर 2022 से निर्माण कार्य शुरू हुआ।
  • अब तक करीब 70 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है।
  • परियोजना पर 35.89 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
Updated on:
03 Aug 2026 06:01 pm
Published on:
03 Aug 2026 06:00 pm