
रायपुर . सेवा एवं वस्तु कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से व्यापारियों की नाराजगी को दूर करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई, जिसमें जरूरी उपयोग की वस्तुओं पर लगने वाले 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।
उधर, छत्तीसगढ़ के एक व्यापारी संगठन चेंबर बचाओ संघर्ष समिति का जीएसटी के खिलाफ गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है। समिति के संयोजक कन्हैया अग्रवाल ने जीएसटी का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि जीएसटी के कारण मृतप्राय हो रहे व्यापार, छोटे उद्योग और कुटीर उद्योग को बचाने जीएसटी हटाओ व्यापार बचाओ का शंखनाद पूरे देश में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से होगा।
उन्होंने कहा कि देश में विकास दर का घटना, प्रति व्यक्ति आय का निम्न स्तर पर आना - अर्थव्यवस्था की घातक स्थिति उत्पन्न होना जीएसटी और नोटबंदी का ही दुष्परिणाम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव पर भी जीएसटी का असर दिखेगा। उन्होंने कहा कि इस बार जीएसटी के समर्थकों और जीएसटी के विरोध करने वालों के बीच होगा।
उधर, अग्रवाल ने चेंबर के पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि चेंबर के पदाधिकारियों से व्यापारियों में घोर निराशा और गुस्सा है। जिस नोटबंदी और जीएसटी के कारण व्यापारी बर्बादी की कगार पर पहुंच रहा है, दुकानों और उद्योगों में लाखों मजदूरों की छंटनी हो रही है उसके समर्थन में चेंबर के पदाधिकारी बयानबाजी करते हैं। उन्होंने चेंबर के पदाधिकारियों पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के कुछ नेताओं के चलते व्यापारी संगठन कमजोर होते जा रहे है जिसका खामियाजा छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है ।