
रायपुर@संतराम साहू। Sushasan Tihar: प्रदेश में सुशासन तिहार के समापन के बाद अब शासन का फोकस शिविरों में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के विश्लेषण पर केंद्रित हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुशासन तिहार के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें सामने आने के बाद कई विभागों में व्यापक स्तर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। सबसे अधिक बदलाव जिला और ब्लॉक स्तर के अमले में देखने को मिल सकते हैं।
बता दें कि 1 मई से 10 जून तक चले सुशासन तिहार में प्रदेशभर से 6 लाख 43 हजार 334 आवेदन आए हैं। जिसमें 4 लाख 17 हजार 111 मांग से संबंधित हैं, जबकि 26 हजार 223 आवेदन शिकायतों के हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग ने डीईओ और बीईओ के ट्रांसफर किए हैं।
जानकारी के अनुसार सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर में व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ राजस्व, पंचायत, नगरीय निकाय, जलापूर्ति, राशन कार्ड, पेंशन, निर्माण कार्यों में अनियमितता और अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतें प्रमुख हैं। कई जिलों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोगों ने सीधे तौर पर स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही, भ्रष्टाचार, समय पर काम नहीं करने और जनता से दूरी बनाए रखने के आरोप लगाए हैं।
सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री स्तर पर भी शिविरों से प्राप्त फीडबैक की लगातार समीक्षा की जा रही है। जिन विभागों के खिलाफ शिकायतों का प्रतिशत अधिक है, वहां अलग से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जिलों से प्राप्त प्रतिवेदनों में यह देखा जा रहा है कि किन अधिकारियों के खिलाफ बार-बार शिकायतें आई हैं और किन क्षेत्रों में जन असंतोष अधिक है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के तबादले, जिम्मेदारी में बदलाव या विभागीय कार्रवाई जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य विभाग तथा सामाजिक कल्याण विभाग के आवेदनों की अलग-अलग समीक्षा की जा रही है। कई जिलों में कलेक्टरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित शिकायतों और बार-बार सामने आ रही समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजें।
सूत्रों का कहना है कि सरकार केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन कारणों की भी पड़ताल कर रही है जिनकी वजह से बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि जिन जिलों में शिकायतों का आंकड़ा अपेक्षाकृत अधिक रहा है, वहां अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन का विशेष मूल्यांकन किया जाएगा। शासन की मंशा साफ है कि जनता से जुड़े विभागों में जवाबदेही बढ़े और सुशासन तिहार में मिली शिकायतों को भविष्य की प्रशासनिक सुधार प्रक्रिया का आधार बनाया जाए।